Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi in Assam: जुबिन गर्ग की विचारधारा हिमंत सरमा के खिलाफ थी! असम में राहुल गांधी का बड़ा ब... बड़ी खबर: राघव चड्ढा पर AAP का कड़ा एक्शन! राज्यसभा उप नेता पद छीना, सदन में बोलने पर भी पाबंदी की म... Rahul Gandhi vs Govt: CAPF विधेयक पर राहुल का तीखा हमला! एनकाउंटर में पैर गंवाने वाले जांबाज का वीडि... West Bengal News: मालदा में जजों को बनाया बंधक! सुप्रीम कोर्ट भड़का, कहा—"ये जंगलराज है", CBI-NIA जा... Raja Ravi Varma Record: राजा रवि वर्मा की पेंटिंग ने रचा इतिहास! अरबपति साइरस पूनावाला ने करोड़ों मे... Nashik Police Controversy: आरोपियों से 'कानून का गढ़' बुलवाने पर विवाद, नासिक पुलिस के एक्शन पर उठे ... बड़ा झटका! दिल्ली-NCR में बंद हो सकती हैं 462 फैक्ट्रियां, CPCB की इस सख्ती से मचा हड़कंप; जानें वजह कानपुर की ‘बदनाम कुल्फी’ हुई गुम! LPG सिलेंडर की किल्लत ने बिगाड़ा स्वाद, 10 दिन से ग्राहक चख रहे धू... Delhi Traffic Update: दिल्ली में खत्म होगा Red Light का झंझट! इन 3 रूटों पर घंटों का सफर अब मिनटों म... Bihar Politics: खरमास खत्म होते ही बिहार में नई सरकार! नीतीश कुमार 10 अप्रैल को जाएंगे राज्यसभा, दें...

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर एक किलोमीटर चलना पड़ेगा

नई व्यवस्था से हवाई यात्रा करने वाले लोगों की परेशानी

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः बेंगलुरु के अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू किया गया है, जिसके तहत उन्हें अब कैब या टैक्सी पकड़ने के लिए टर्मिनल बिल्डिंग से लगभग एक किलोमीटर (करीब 1000 मीटर) की दूरी तय करनी पड़ेगी। एयरपोर्ट प्राधिकरण द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का हवाला देते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन इससे यात्रियों को, खासकर बुजुर्गों, बच्चों वाले परिवारों और भारी सामान वाले यात्रियों को, खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

यह बदलाव मुख्य रूप से टर्मिनल 1  के पूरी तरह से परिचालन में आने और एयरपोर्ट के यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया गया है। अब, सभी कैब और टैक्सी एग्रीगेटर्स (जैसे ओला, उबर) के पिकअप पॉइंट को एक सेंट्रलाइज्ड कैब-पूल क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। पहले, टैक्सी और कैब सीधे टर्मिनल के बाहर उपलब्ध थीं, लेकिन अब यात्रियों को इन वाहनों तक पहुंचने के लिए एक लंबे कवर्ड वॉकवे (ढका हुआ रास्ता) से गुज़रना होगा।

एयरपोर्ट प्रबंधन ने दावा किया है कि इस नए वॉकवे को चलती सीढ़ियों (ट्रेवलेटर्स) और पर्याप्त साइनेज के साथ डिज़ाइन किया गया है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो। इसके अलावा, उन्होंने भारी सामान वाले यात्रियों के लिए पोर्टर (सामान उठाने वाले) और सीमित संख्या में बगी (छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ) सेवाएँ भी शुरू करने की घोषणा की है। हालांकि, यात्रियों के एक बड़े वर्ग ने सोशल मीडिया पर और मौके पर ही इस बदलाव पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है।

यात्रियों का कहना है कि एक किलोमीटर की दूरी सामान के साथ तय करना, खासकर रात के समय या खराब मौसम के दौरान, बहुत थकाऊ हो सकता है। एक यात्री ने शिकायत करते हुए कहा, बेंगलुरु आईटी हब है, लेकिन यहाँ एयरपोर्ट पर हमें शारीरिक श्रम के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं है। एयरपोर्ट प्राधिकरण का कहना है कि यह निर्णय लंबी अवधि में यातायात जाम को कम करने और टर्मिनल के सामने के क्षेत्र को अत्याधुनिक स्वरूप देने के लिए लिया गया है। इस मुद्दे पर विवाद गहराता जा रहा है और यात्रियों के दबाव में एयरपोर्ट प्रबंधन को जल्द ही अपनी व्यवस्था में कुछ संशोधन करने पड़ सकते हैं।