Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
नेपाल के भोटे कोसी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़: भारत ने तेज किया व्यापक राहत और बचाव अभियान युवाओं को साधने के लिए BJP का मेगा प्लान: 45 युवा नेताओं संग नितिन नबीन की बैठक, हर्ष सांघवी और ओपी ... गोपालगंज के सवनही जगदीश में सेप्टिक टैंक बना काल; 4 मजदूरों की मौत, परिजनों को ₹4-4 लाख मुआवजे का ऐल... 'मल्लिकार्जुन खरगे का अपमान संविधान का अपमान'; जितेंद्र आव्हाड का बड़ा बयान, शुद्धिकरण करने वालों पर... सतना और चित्रकूट में बाढ़ का भयानक मंजर: मंदाकिनी नदी 30 फीट उफान पर, रामघाट का पुल बहा सरगुजा-जशपुर की खराब सड़कों पर एक्शन में सरकार; डिप्टी सीएम ने दिए मरम्मत के निर्देश, इन प्रमुख मार्... अब अंतरिक्ष अभियानों में मददगार बनने जा रहा है ए आई धमतरी में दोस्त की हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद: हेलमेट से सिर पर वार कर उतारा था मौत के घाट बीजापुर में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई: पेगड़ापल्ली जंगल से भारी नक्सल डंप और विस्फोटक बरामद सुकमा: पोलमपल्ली पोटाकेबिन में 47 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत; दूषित भोजन-पानी की आशंका, अस्पताल में मच...

भागलपुर: टीचर की बड़ी लापरवाही! स्कूल के बच्चों से सीमेंट-सब्जी मंगवाने का वीडियो वायरल, हादसे में छात्र बाल-बाल बचा, शिक्षा विभाग में हड़कंप

शिक्षा सुधार के दावों के बीच बिहार के भागलपुर जिले से बेहद चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है. यहां पढ़ाई के समय छोटे-छोटे बच्चों से क्लास की जगह स्कूल के निर्माण कार्य के लिए सीमेंट और सब्जी मंगवाई जा रही है. छात्रों का आरोप है कि शिक्षिका ने 500-500 रुपये देकर 2 किमी दूर साईकल से सीमेंट लाने के लिए भेज दिया. मामला भागलपुर के गोराडीह प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय शेरगढ़ का है.

स्कूल में सातवीं कक्षा के छात्र ने बताया कि शिक्षिका गायत्री मैम ने 500 रुपये के दो नोट देकर बच्चों को मुरहन भेजा, जो स्कूल से लगभग 2 किलोमीटर दूर है. साथ ही कहा कि वहां से सीमेंट लेकर आओ.सीमेंट लाते वक्त मुरहन और शेरगढ़ के बीच पुल के पास बच्चे एक मिनी ट्रक की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए. अगर कुछ पल की चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. सवाल यह है कि ऐसी लापरवाही से यदि किसी बच्चे के साथ अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता?

यहां लापरवाही सिर्फ सीमेंट तक ही सीमित नहीं है. बच्चों ने बताया कि आलम सर सब्जी लाने के लिए भी छात्रों को भेजते हैं और कई बार फूलगोभी, आलू, प्याज जैसे सामान मंगवाए. एक छात्रा ने बताया कि प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार पहले भी कई बार आलू, गोभी, चना दाल सहित अन्य सामान मंगवाते थे.

आदेश जारी, फिर भी अनदेखी

इस मामले में जब गोराडीह प्रखंड के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) दिनेश कुमार दास से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी. बड़ा सवाल यह है कि 26 सितंबर 2025 को BEO ने पत्रांक 582 के माध्यम से पहले ही पूरे प्रखंड के सभी शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को स्पष्ट निर्देश दिया था.

इस निर्देश में लिखा था कि विद्यालय अवधि में कोई भी बच्चा कहीं भी अनियमित रूप से घूमता दिखा तो संबंधित शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद शिक्षकों द्वारा खुलेआम इस आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और बच्चों से काम करवाया जा रहा है.

आगे क्या होगा?

घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोग और अभिभावक सवाल उठा रहे हैं कि क्या शिक्षा पदाधिकारी इस बार कठोर कार्रवाई करेंगे, या फिर हमेशा की तरह केवल स्पष्टीकरण मांगकर मामला दबा दिया जाएगा. बच्चों के भविष्य के साथ ऐसे खिलवाड़ को क्या सिर्फ औपचारिक कार्रवाई से निपटाया जाएगा.