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यूरोपीय संघ द्वारा एक्स पर जुर्माना लगाया गया

डिजिटल कानूनों के उल्लंघन पर फंसी है मस्क की कंपनी

बर्लिनः यूरोपीय संघ के नियामकों ने एलन मस्क के स्वामित्व वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर नए डिजिटल सेवा अधिनियम के तहत 120 मिलियन यूरो (लगभग 1060 करोड़ रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना डिजिटल सेवा अधिनियम के तहत पहली बड़ी कार्रवाई में से एक है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अभद्र भाषा, दुष्प्रचार और अवैध सामग्री को हटाने के लिए मजबूर करता है। ईयू ने पाया कि एक्स ने अपने प्लेटफॉर्म पर भ्रामक सूचनाओं और घृणित सामग्री को प्रभावी ढंग से मॉडरेट करने में विफल रहा, खासकर हाल के एक क्षेत्रीय संघर्ष से संबंधित सामग्री को लेकर।

कानूनी आधार और उल्लंघन: डीएसए, जो यूरोपीय संघ में संचालित होने वाले बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लागू होता है, को डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस कानून के तहत, प्लेटफॉर्म को प्रणालीगत जोखिमों का आकलन करना, उनका शमन करना और अपने सामग्री मॉडरेशन एल्गोरिदम की पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

ईयू के जांचकर्ताओं ने पाया कि एक्स ने संघर्ष से संबंधित ग्राफिक और भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन या सिस्टम तैनात नहीं किए थे। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि एक्स ने पारदर्शिता की आवश्यकताओं का उल्लंघन किया, जैसे कि अपने कंटेंट मॉडरेशन निर्णयों के बारे में पर्याप्त जानकारी प्रदान न करना।

मस्क और एक्स पर प्रभाव: यह जुर्माना एलन मस्क के लिए एक महत्वपूर्ण झटका है, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर प्लेटफॉर्म पर सामग्री मॉडरेशन को आसान बनाने के पक्षधर रहे हैं। एक्स को अब जुर्माने का भुगतान करना होगा और ईयू द्वारा निर्देशित सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी, जिसमें सामग्री मॉडरेशन टीमों में निवेश बढ़ाना और अपने एल्गोरिदम को बेहतर बनाना शामिल हो सकता है।

जुर्माना प्लेटफॉर्म की वित्तीय स्थिति को प्रभावित कर सकता है, जो पहले से ही विज्ञापनदाताओं के पलायन से जूझ रहा है। यह ईयू के नियामकों की दृढ़ता को भी दर्शाता है कि वे बड़ी तकनीक कंपनियों को जवाबदेह ठहराने के लिए तैयार हैं, भले ही उनके मालिक दुनिया के सबसे धनी व्यक्तियों में से क्यों न हों।