एयरस्पेस बंद करने के एलान के बाद अब नई जानकारी
वाशिंगटनः वेनेजुएला और अमेरिका के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को सीधे फोन पर देश छोड़ने की धमकी दी थी। यह अभूतपूर्व घटना दोनों देशों के बीच लंबे समय से चली आ रही कड़वाहट और कूटनीतिक संघर्ष को दर्शाती है।
अमेरिका, मादुरो को वेनेजुएला के वैध नेता के रूप में मान्यता नहीं देता है और उसके शासन को एक तानाशाही मानता है जिसने देश की अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया है और लाखों लोगों को विस्थापन के लिए मजबूर किया है। ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए कड़े प्रतिबंध लगाए थे और विपक्षी नेता जुआन गुएडो का समर्थन किया था।
फोन पर दी गई कथित धमकी अमेरिका की ओर से मादुरो शासन को हटाने के लिए अधिकतम दबाव की रणनीति का हिस्सा थी। हालांकि, मादुरो ने सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखी है और उन्हें रूस, चीन और क्यूबा जैसे देशों का समर्थन प्राप्त है।
इस खुलासे ने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति के मानदंडों पर सवाल उठाए हैं, जहाँ एक राष्ट्र का प्रमुख दूसरे राष्ट्र के प्रमुख को सीधे पद छोड़ने की धमकी दे रहा है। मादुरो की प्रतिक्रिया और इस धमकी के संभावित परिणाम दोनों देशों के संबंधों और वेनेजुएला के भविष्य के लिए गंभीर निहितार्थ रखते हैं। यह घटना दर्शाती है कि अमेरिकी विदेशी नीति में वेनेजुएला के प्रति कितना आक्रामक रुख अपनाया गया था, जिसने इस लैटिन अमेरिकी देश में मानवीय संकट को और भी गहरा कर दिया है।