Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NEET UG Re-Exam 2026: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की छात्रों को शुभकामना; बोले- 'आत्मविश्वास के स... Rhea Kapoor’s Stylist Jewellery Theft: रिया कपूर की मेकअप आर्टिस्ट के बैग से 1.35 करोड़ के इयररिंग्स... Cocktail 2 Box Office Collection: शाहिद कपूर की फिल्म का धमाकेदार प्रदर्शन; 2 दिनों में वर्ल्डवाइड 5... MLC 2026: सैन फ्रैंसिस्को यूनिकॉर्न्स ने टेक्सस सुपर किंग्स को 7 विकेट से रौंदा; लुहान ड्री प्रिटोरि... Indian Captain Arrested in UK: ब्रिटेन में गिरफ्तार हुए उत्तराखंड के कैप्टन अजय पंत; परिवार ने सरकार... Bank Holidays June 2026: अगले हफ्ते लगातार बंद रहेंगे बैंक! 22 से 28 जून के बीच चेक करें छुट्टियों क... Nothing B-Series Teased: नथिंग भारत में ला रहा है अपना नया बजट स्मार्टफोन? 'Born Different' टैगलाइन ... Peepal Tree Puja Rules: रविवार को क्यों नहीं की जाती पीपल की पूजा? जानें इसके पीछे की पौराणिक कथा Yoga Benefits: रोज सिर्फ 10 मिनट योग करने से शरीर में आते हैं ये चमत्कारी बदलाव; जानें एक्सपर्ट की र... International Yoga Day 2026: कोलकाता से पीएम मोदी का संदेश; कहा- 'योग सिर्फ आसन नहीं, मानवीय एकता का...

दस्तावेजों (SIR) की मजबूरी: भागकर शादी करने वाली महिलाओं को अब सता रही मायके की याद, कानूनी मान्यता के लिए क्या करें?

लव मैरिज करने वाली महिलाओं को अब मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के लिए मायके की याद सता रही है. अब नाराज परिजन SIR के लिए जानकारी देने से पीछे हट रहे हैं. ऐसे में लव मैरिज करने वालों के सामने गणना फार्म भरने की मुश्किल खड़ी हो गई है. गणना फार्म भरने के लिए घर-घर दस्तक दे रहे BLO के सामने ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि, जिला प्रशासन सभी मतदाताओं से गणना फार्म भरने की अपील कर रहा है.

प्रेम प्रसंग तो सफल रहा, लेकिन अब एसआईआर प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है. युवती को अब अपने पिता की पहचान और पहचान पत्र दिखाना होगा, और अब वह अपने परिवार से बात भी नहीं कर सकती. ऐसे में एसआईआर प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है, लेकिन जिलाधिकारी (BLO) ने अगली बार आने पर दस्तावेज दिखाने को कहा है.

एक और मामला कानपुर के किदवई नगर में रहने वाले एक युवक का है, जिसे नोएडा में नौकरी करते हुए राजस्थान की एक युवती से प्यार हो गया. लड़के के घरवाले शादी के लिए राजी हो गए, लेकिन लड़की के घरवालों ने शादी की इजाजत नहीं दी. लड़की भागकर लड़के से शादी कर कानपुर में बस गई. उसने अपने परिवार से सारे रिश्ते तोड़ दिए.

परिवार से बात नहीं कर पा रही

अब जब बीएलओ लड़की के ससुराल पहुंचे और उनसे एसआईआर प्रक्रिया पूरी करने को कहा, तो लड़की को एक समस्या का सामना करना पड़ा. वह अपने परिवार से बात नहीं कर पा रही थी, और एसआईआर के लिए पिता का नाम और 2003 की वोटर लिस्ट से पहचान पत्र दिखाना जरूरी था. हालांकि, महिला ने मायके में पड़ोसियों से बात करके इस समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की है.

वहीं, राजस्थान के उदयपुर शहर के राहुल ने वंदना से लव मैरिज की थी. इसके बाद से वंदना के परिवार में आना-जाना नहीं है. गणना फार्म भरने के लिए वंदना ने अपने मायके से पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया. बीएलओ के आग्रह पर राहुल ने पत्नी और खुद का गणना फार्म भरकर जमा करा दिया.

SIR के भंवर में फंसी महिलाएं

ये मामले इस बात की गवाही देते हैं कि प्यार के लिए घर छोड़ने वाली कई युवतियां अब SIR के भंवर में फंसी हुई हैं. अपने प्रेमियों के साथ परिवार बसाने के लिए घर छोड़ने वाली महिलाएं अब पहचान और पारिवारिक सहयोग के अभाव में अपने अधिकारों के लिए लड़ नहीं पा रही हैं. जिन विवाहित महिलाओं के माता-पिता की मृत्यु हो गई है या जो अपने पतियों से अलग रहती हैं, उनकी स्थिति तो और भी ज्यादा खराब है. उनके पास ज़रूरी दस्तावेज, पहचान संख्या या यहां तक कि उनके परिवार का बूथ नंबर भी नहीं है.

नतीजतन, अब उन्हें अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. नए रिश्ते और जिंदगी की नई राहें तलाशने के लिए घर छोड़ने वाली महिलाओं को अब सरकारी प्रक्रियाओं के पहाड़ का सामना करना पड़ रहा है, न तो परिवार का सहयोग मिल रहा है और न ही व्यवस्था की ओर से कोई ठोस समाधान.

प्रारंभिक पर दस्तावेज जरूरी नहीं, गणना फॉर्म भरें

उदयपुर की जिला कलेक्टर मित मेहता की मानें तो प्रारंभिक तौर पर किसी भी मतदाता को पहचान संबंधी दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं है. सभी महिला-पुरुष मतदाता अपना गणना फार्म ऑनलाइन या ऑफलाइन भरकर अवश्य जमा कराएं. बाद में जब जरूरत होगी, तो प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा.

प्रशासन, पुलिस और समाज करे सहयोग

उदयपुर की वरिष्ठ अधिवक्ता रागिनी शर्मा का कहना है कि प्रेम विवाह करने वाली महिलाओं को मतदाता गणना फॉर्म भरने में परेशानी आ रही है. पुलिस और प्रशासन ऐसे माता-पिता की काउंसलिंग करें, जो सहयोग नहीं कर रहे. विवाहिता खुद भी दस्तावेज एकत्रित कर सकती है. इसके बाद भी परेशानी पर एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है.

ऐसे देखी जा सकती है परिजनों की एपिक आइडी

वहीं, बदायूं के एसडीएम मोहित कुमार ने बताया- प्रेम विवाह आदि से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन इसमें कोई समस्या नहीं है. चुनाव आयोग की वेबसाइट पर सारा डेटा उपलब्ध है. उससे अपने स्वजन की एपिक आइडी देखी जा सकती है. अगर वो नहीं भी मिल रही है तो SIR गणना प्रपत्र का तीसरा विकल्प चुन सकते हैं. जिससे कि चार दिसंबर के बाद जो प्रक्रिया शुरू होगी, उसमें प्रतिभाग कर सकें.