ट्रंप के एकतरफा प्रयास पर रूस ने ब्रेक लगा दिया
मॉस्कोः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित शांति योजना का कोई अंतिम संस्करण नहीं है, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि यह किसी भी संभावित शांति समझौते का आधार बन सकती है। यह बयान ऐसे समय आया है जब जेनेवा में अमेरिकी और यूक्रेनी वार्ताकारों के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत के बाद रूस को अमेरिका समर्थित संशोधित शांति प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। पुतिन का यह बयान यूक्रेन संघर्ष के राजनयिक समाधान की संभावनाओं को लेकर एक मिश्रित संकेत देता है।
पुतिन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि मॉस्को को ट्रंप की योजना की मोटी रूपरेखा प्राप्त हुई है और वे इसे दिलचस्प मानते हैं, लेकिन इसके विवरण पर अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी अंतिम समझौते को रूस के सुरक्षा हितों और जमीन पर मौजूद वास्तविकताओं को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने अमेरिका पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक कीव में सत्ता में मौजूद लोग और उनके पश्चिमी समर्थक बातचीत के लिए तैयार नहीं होते, तब तक युद्ध जारी रहेगा। पुतिन ने कहा कि रूस बातचीत के लिए हमेशा खुला रहा है, लेकिन किसी भी शांति योजना को रूसी संघ के नव-शामिल क्षेत्रों की मान्यता शामिल करनी होगी।
ट्रंप की शांति योजना, जिसका विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, कथित तौर पर यूक्रेन के लिए कुछ सुरक्षा गारंटी और रूसी सेना की वापसी के लिए एक चरणबद्ध दृष्टिकोण की पेशकश करती है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह योजना विवादित क्षेत्रों की स्थिति को कैसे संबोधित करेगी, जो दोनों पक्षों के लिए सबसे बड़ी बाधा है। यूक्रेन ने अतीत में किसी भी ऐसे समझौते को खारिज कर दिया है जिसमें 1991 की सीमाओं की बहाली शामिल न हो।
पुतिन का यह बयान ट्रंप के प्रति एक संभावित राजनयिक नरम रुख का संकेत देता है, जो यह दर्शाता है कि मॉस्को अमेरिकी नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में एक अलग दृष्टिकोण के लिए तैयार है। यह यूक्रेन के सहयोगियों के बीच भी चिंताएं बढ़ा सकता है, जो डरते हैं कि ट्रंप यूक्रेन को एक ऐसा समझौता स्वीकार करने के लिए मजबूर कर सकते हैं जो रूस के लिए बहुत अनुकूल हो। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन कहा कि वे यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का दृढ़ता से समर्थन करना जारी रखेंगे। वैश्विक समुदाय उत्सुकता से इस राजनयिक चाल को देख रहा है, क्योंकि यह संघर्ष का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।