संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में दुनिया की घिनौनी तस्वीर मिली
जेनेवाः संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया और चौंकाने वाली रिपोर्ट ने दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की भयावह सीमा को उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में, वैश्विक स्तर पर औसतन प्रतिदिन 137 महिलाओं और लड़कियों को उनके ही अंतरंग साथी या परिवार के किसी सदस्य द्वारा मौत के घाट उतार दिया गया। यह आँकड़ा फेमिसाइड (महिलाओं की हत्या) की महामारी को दर्शाता है।
आँकड़ों का विश्लेषण करते हुए, संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि इसका मतलब है कि हर 10 मिनट में दुनिया में कहीं न कहीं एक महिला की हत्या उसके ही सबसे करीबी लोगों द्वारा की जाती है। इन अपराधों को अक्सर सम्मान या भावनात्मक नियंत्रण के बहाने अंजाम दिया जाता है, जो यह दर्शाता है कि दुनिया भर में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की जड़ें गहरी सामाजिक और सांस्कृतिक असमानताओं में हैं।
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली अधिकांश हत्याएँ सार्वजनिक स्थानों के बजाय उनके अपने घरों में होती हैं, जो घर को एक असुरक्षित स्थान बना देती हैं। संयुक्त राष्ट्र ने सदस्य देशों से आग्रह किया है कि वे महिलाओं और लड़कियों को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए कानूनी ढाँचे को मजबूत करें, पुलिस और न्यायिक प्रणालियों को प्रशिक्षित करें, और सामाजिक जागरूकता अभियान चलाएँ।
रिपोर्ट यह भी रेखांकित करती है कि इन आँकड़ों को कम करने के लिए केवल कानूनी हस्तक्षेप ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुरुषों और लड़कों को लैंगिक समानता और सम्मान सिखाने के लिए शिक्षा और सामाजिक मानदंडों में बदलाव लाना आवश्यक है। यह रिपोर्ट सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के लिए एक गंभीर आह्वान है कि वे इस वैश्विक संकट को प्राथमिकता के आधार पर संबोधित करें।