लोकपाल से स्वीकृति मिलने के बाद सीबीआई की जांच आगे बढ़ेगी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः लोकपाल ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कथित प्रश्न पूछने के बदले नकद मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की अनुमति दे दी है। भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल ने जांच एजेंसी को चार सप्ताह के भीतर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है। लोकपाल का यह फैसला 12 नवंबर को हुई उसकी पूर्ण पीठ की बैठक के बाद आया, जिसमें संबंधित अदालत में आरोप पत्र दाखिल करने को हरी झंडी दी गई। इसने सीबीआई को आरोप पत्र की एक प्रति लोकपाल के पास भी जमा करने को कहा।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 2023 में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से शिकायत की थी कि टीएमसी सांसद ने कुछ औद्योगिक समूहों के खिलाफ संसद में विशिष्ट सवाल उठाने के बदले में उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से उपहार और नकद लिए थे। ये आरोप अधिवक्ता जय अनंत देहाद्रई द्वारा साझा किए गए सबूतों पर आधारित थे।
इस विवाद के कारण दिसंबर 2023 में उन्हें लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था और उसके बाद सीबीआई जांच शुरू हुई थी, जिसके लिए अब लोकपाल ने चार्जशीट दाखिल करने की मंज़ूरी दे दी है। हालांकि, उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में कृष्णानगर सीट बरकरार रखी।
एजेंसी ने लोकपाल के एक संदर्भ पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत 21 मार्च, 2024 को उनके और हीरानंदानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। जुलाई के अंत में, सीबीआई ने इस मामले के संबंध में अपनी रिपोर्ट लोकपाल को सौंप दी थी।