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गौ वंश का अवैध तरीके से परिवहन, एक गौ वंश की मौत, गौ सेवकों ने लगाए गंभीर आरोप

धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक बड़ा मामला सामने आया है. सोमवार देर रात एक गौशाला में काफी हंगामा हुआ. गौ सेवकों ने अर्जुनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है कि गौ वंश को बड़ी संख्या में एक मेटाडोर में ठूंसकर भरा गया और अवैध परिवहन किया जा रहा था.

गौ वंश का परिवहन: सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने कहा कि अर्जुनी थाना में एक शिकायत आई है. विनय दास मानिकपुरी ने एक आवेदन दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि नगरी क्षेत्र के कुछ ग्रामीण, गौशाला ट्रस्ट से गौ वंश का ट्रक में अवैध तरीके से परिवहन कर रहे थे. पुलिस जांच में जुटी हुई है, जो भी तथ्य पाए जाते हैं उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

गौशाला संचालकों पर आरोप: गौ सेवक पीयूष पारख ने कहा कि एक 407 में गौवंशों को बड़ी संख्या में अव्यवस्थित तरीके से ले जाने की सूचना मिली थी. 28 से 30 की संख्या में गौ वंश मिले हैं, वहीं एक की मौत हो गई. धमतरी में 1922 से संचालित गौशाला के अधिकारियों के इसमें शामिल होने की आशंका है. गौ सेवक चित्रेश साहू ने कहा कि अवैध परिवहन करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

गौ सेवकों का यह भी कहना है कि गौ तस्करी में गौशाला की भूमिका सामने आती है तो गौशाला में ताला लगाने का काम गौ सेवक टीम द्वारा किया जाएगा, जिसके जिम्मेदार गौशाला संचालक खुद होंगे. 407 वाहन में जरूरत से ज्यादा गौ वंशों को ठूंसकर भरा गया था. वहीं गौशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष से भी सम्पर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया है.

पशु परिवहन के लिए कुछ नियम भी हैं, जानिए

⦁ पशुओं के परिवहन के लिए विशेष परमिट वाले वाहनों का ही उपयोग किया जा सकता है, जो अन्य वस्तुओं के परिवहन के लिए उपयोग नहीं किए जा सकेंगे.

⦁ प्रत्येक गाय या भैंस के लिए कम से कम 2 वर्ग मीटर की जगह होनी चाहिए.

⦁ वाहन में फिसलन-रोधी सामग्री और उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था होनी चाहिए.

⦁ घायल या बूढ़े पशुओं को नहीं ले जाना चाहिए.

⦁ एक वाहन में अधिकतम छह वयस्क पशुओं को ही ले जाया जा सकता है.

⦁ पशुओं के परिवहन के लिए पशु चिकित्सक द्वारा जारी एक वैध प्रमाण पत्र आवश्यक है, जिसमें यह पुष्टि हो कि पशु स्वस्थ हैं और किसी बीमारी से संक्रमित नहीं हैं.

⦁ यदि संभव हो तो दिन के समय पशुओं को उतारकर आराम करने, खिलाने और पानी पिलाने की व्यवस्था की जानी चाहिए.

⦁ यात्रा के लिए पर्याप्त राशन और पानी का इंतजाम होना चाहिए.

⦁ गौवंश का अवैध परिवहन एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध(cognizable and non-bailable offence) है, जिसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है.

⦁ नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालक का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है और वाहन जब्त किया जा सकता है.

⦁ यदि पशु को अनावश्यक कष्ट या दर्द हो रहा है तो यह पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत एक अपराध है.