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क्रूर मकान मालिक! गेहूं में मिलाईं 50 सल्फास की गोलियां, ग्वालियर का घर बना ‘गैस चैंबर’, किराएदार के बेटे की मौत

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक चार साल के बच्चे की गैस की चपेट में आने मौत हो गई. घर में गेहूं के अंदर सल्फास की गोलियां रखी हुई थीं, जिसकी गैस से बच्चे और उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने पर बच्चे ने दम तोड़ दिया. अब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. मृतक बच्चे की पहचान ग्वालियर के जड़ेरूआ इलाके के रहने वाले सत्येंद्र शर्मा के बेटे वैभव के रूप में हुई है.

सत्येंद्र शर्मा अपने परिवार के साथ ग्वालियर के जड़ेरूआ में किसान कृष्ण यादव के मकान में किराए पर रहते थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी रजनी शर्मा, 13 साल की बेटी छाया शर्मा और चार साल का बेटा वैभव था, जिसकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कृष्ण यादव ने घर में 250 क्विंटल गेहूं रखे थे, जिन्हें घुन से बचाने के लिए उन्होंने गेहूं की बोरियों में 50 सल्फास की गोलियां मिलाई हुई थीं.

पूरे परिवार की बिगड़ गई तबीयत

सल्फास की गोली से पूरे घर में रात के समय गैस फैल गई. सत्येंद्र का परिवार घर में ग्राउंड फ्लोर पर रहता था. पूरे परिवार की गैस की वजह से तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वैभव की मौत हो गई और अब सत्येंद्र, उनकी पत्नी और बेटी की हालत गंभीर है. पुलिस ने मामले को लेकर कहा कि बच्चे की मौत की असल वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही पता चल पाएगी.

पुलिस ने जांच के लिए भेजा सैंपल

सत्येंद्र ग्वालियर के महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्री में काम करते हैं और मालनपुर टूडीला गांव के रहने वाले हैं. वैभव सत्येंद्र का इकलौता बेटा था, जिसका जन्म बहुत मन्नतों के बाद हुआ था. मकान मालिक ने गेहूं में जो दवाई डाली थी. उसे बरामद कर पुलिस ने जांच के लिए सैंपल भेज दिए हैं. मौके पर फॉरेंसिक टीम भी पहुंची. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

ये गैस शरीर के लिए बेहद जहरीली

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सल्फास की गोलियां नमी या पानी के संपर्क में आते ही फॉस्फीन गैस छोड़ने लगती हैं. यह गैस शरीर के लिए बेहद जहरीली होती है और सांस लेने में, दिल और फेफड़ों पर गंभीर असर डालती है. खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बहुत खतरनाक मानी जाती है. सल्फास के सेवन या इसकी गैस के संपर्क में आने से उल्टी, तेज पेट दर्द, सांस लेने में दिक्कत, चक्कर, बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं और कई बार यह जानलेवा भी साबित हो सकती है.