अमित शाह पर ममता की टिप्पणी से राजनीतिक सरगर्मी
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले, ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमित शाह को लेकर चेतावनी दी। उन्होंने शाह को ‘मीर जाफ़र’ भी कहा। मुख्यमंत्री बुधवार को अशांत उत्तर बंगाल से कोलकाता लौटीं। दमदम हवाई अड्डे पर खड़े होकर उन्होंने अशांत उत्तर बंगाल के बारे में बोलते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, यह कहना बुरा लगता है कि वोट के लिए पैसा है, राहत के लिए पैसा नहीं है, यही इस सरकार की नीति बन गई है। उल्टा, आपदा के बीच भी गंदी राजनीति कर रही है।
उन्होंने एक बार फिर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर सीधे शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, आयोग कहता है कि 15 दिनों के भीतर एसआईआर होना चाहिए! क्या आयोग भाजपा के अधीन है या नहीं? दरअसल, सब कुछ अमित शाह के आदेश पर हो रहा है। मानो वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री हों।
फिर प्रधानमंत्री को संबोधित कर उन्हें सलाह दी कि हर बात में अमित शाह पर भरोसा मत करो। अगर आप ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा करेंगे, तो आपका हश्र मीर जाफ़र जैसा हो सकता है। मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है। उत्तर बंगाल के प्रभावित इलाके का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने खगेन मुर्मू पर हुए हमले के पीछे की वजह पर भी संदेह जताया।
उन्होंने कहा, जिस इलाके में यह घटना हुई, वह भाजपा का इलाका है। सभी सांसद और विधायक भाजपा के हैं। परोपकार घर से शुरू होता है! क्या यह भाजपा का आंतरिक कलह नहीं है? मुख्यमंत्री के अनुसार, बाढ़ या दंगे जैसी स्थितियों में ऐसा गुस्सा पैदा हो सकता है। क्योंकि, लोग अपना घर खोने के बाद अपना होश खो बैठते हैं।
हालाँकि, जाँच चल रही है। किसी को छूट नहीं मिलेगी। पुलिस प्रशासन को सूचित किए बिना 30-40 वाहनों के साथ प्रभावित क्षेत्र में प्रवेश करना कितना उचित है? लोगों को पहले बचाना होगा! लोगों को दिखाने वाले काफिले का क्या होगा? गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इससे पहले अस्पताल में घायल खगेन मुर्मू से मुलाकात की थी। उन्होंने प्राकृतिक आपदा को लेकर डीवीसी की भी आलोचना की थी। उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब लोग संकट में हैं, पानी की यह कमी क्यों है?