Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
HBSE Exams 2026: हरियाणा में नकल पर नकेल, 291 छात्रों पर केस दर्ज; लापरवाही बरतने वाले 61 सुपरवाइजर ... Uzbekistan Kidnapping News: उज्बेकिस्तान में कुरुक्षेत्र के तीन युवक अगवा, बेरहमी से पिटाई और 45 लाख... Haryana Farmers to Africa: केन्या और तंजानिया में खेती का मौका, हरियाणा सरकार की बड़ी पहल; जानें कैस... अब चीन एयर की भी सीधी उड़ान प्रारंभ होगी हरियाणा में 'डिजिटल राजस्व' की क्रांति! पटवारियों और कानूनगो के हाथों में होंगे स्मार्ट टैबलेट; अब ए... Ranchi Police Success: सरहुल शोभायात्रा में बिछड़े बच्चे को पुलिस ने परिवार से मिलाया, रात भर चली तल... नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपना पूर्व का फैसला बदला Yogendra Sao Big Statement: "पार्टी के अंदर ही हैं कांग्रेस के किलर", निष्कासन के बाद योगेंद्र साव क... गिरिडीह के आसमान में 'मिस्ट्री' हेलिकॉप्टर! 2 दिनों से लगातार चक्कर काटने से लोगों में बढ़ी धुकधुकी;... स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच आर-पार की जंग

हिंसा और मौत के बाद कांग्रेस वनाम भाजपा आरोपों का खेल

चार लोगों की मौत के बाद कर्फ्यू जारी

  • पुरानी मांगों को अनसुना करने का नतीजा

  • राज्य विभाजन के बाद झूठा वादा किया गया

  • गृह मंत्रालय ने वांगचुप को जिम्मेदार ठहराया

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः लद्दाख में बुधवार, 24 सितंबर को हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद, गुरुवार को कांग्रेस ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि लद्दाख में पैदा हुआ मौजूदा संकट भाजपा सरकार की अपनी ही देन है। वहीं, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि क्षेत्र के लोग छठी अनुसूची में शामिल करने, अपने सम्मान और पहचान की सुरक्षा के लिए जो मांग कर रहे हैं, वह पूरी तरह जायज़ और न्यायसंगत है।

अधिकारियों के अनुसार, लद्दाख राज्य आंदोलन बुधवार को लेह की सड़कों पर हिंसा, आगजनी और झड़पों में तब्दील हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 80 लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि लद्दाख में बहुमूल्य जानें गँवाना दुखद है और यह सरकार के असफल वादों की एक गंभीर याद दिलाता है। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में, जब जम्मू और कश्मीर राज्य को विभाजित किया गया था, तब संसद के पटल से देश को शांति का आश्वासन दिया गया था।

श्री खेड़ा ने एक्स पर लिखा, छह साल बाद, समस्या और भी गहरी हो गई है। घाटी में सामान्य स्थिति बहाल करने की बजाय, केंद्र की अदूरदर्शिता ने जम्मू और लद्दाख को भी हिंसा की आग में झोंक दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया, यह संकट भाजपा सरकार की अपनी ही देन है, जिसे अब वह अनुचित रूप से नज़रअंदाज़ करना चाहती है। कांग्रेस नेता ने एक बार फिर दोहराया कि लद्दाख की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर उपेक्षा नहीं, बल्कि करुणा और नेतृत्व दिखाने की ज़रूरत है।

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में इन हिंसक घटनाओं के लिए कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भड़काऊ बयानों को ज़िम्मेदार ठहराया। मंत्रालय ने कहा कि पूर्ण राज्य की मांग को लेकर लद्दाख में भीड़ द्वारा की गई हिंसा वांगचुक के बयानों से प्रेरित थी।

दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा ने दावा किया कि लद्दाख में हुई हिंसा कांग्रेस की एक नापाक साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य बांग्लादेश, नेपाल और फिलीपींस जैसे हालात पैदा करना था। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, आज लद्दाख में, कुछ विरोध प्रदर्शनों को ‘जनरेशन जेड’ के नेतृत्व में होने के रूप में चित्रित करने का प्रयास किया गया था, लेकिन जब जांच की गई, तो पाया गया कि यह कोई जनरेशन जेड विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि वास्तव में यह कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन है

उन्होंने कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाते हुए एक स्थानीय नेता का ज़िक्र किया। संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्षद स्टैनज़िन त्सेपांग, जो अपर लेह वार्ड से पार्षद हैं, हिंसा भड़काने वाले मुख्य व्यक्ति हैं। वैसे इस संदर्भ में सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल और काफी अरसा पहले दिल्ली तक के पैदल मार्च पर भाजपा चुप है। सरकार की तरफ से भी श्री वांगचुक द्वारा चीन के सैनिकों द्वारा लद्दाख का जमीन हड़पने पर कुछ नहीं कहा गया है।