मोरीगांव जेल से कैदी फरार: सुरक्षा पर सवाल
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जीएसटी मामले में चार गिरफ्तार
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फर्जी अधिकारी भी हत्थे चढ़ गया
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गुवाहाटी में नये आईआईएम को स्वीकृति
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटीः मंगलवार की रात, मोरीगांव जिला जेल से जियारुल इस्लाम और सुब्रत सरकार नामक दो कैदी फरार हो गए। यह दस महीने में इस जेल से भागने की दूसरी घटना है। इससे पहले भी पाँच कैदी जेल की दीवार तोड़कर भाग गए थे, जिनमें से दो का आज तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने फरार कैदियों की तलाश शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस घटना ने जेल सुरक्षा में तत्काल सुधार की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
दूसरी तरफ जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने गुवाहाटी में 500 करोड़ रुपये की एक बड़ी जीएसटी धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है: गौरव अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, विनोद अग्रवाल और गुड्डू सिंह। यह गिरोह फर्जी बिलिंग के माध्यम से पूरे देश में जीएसटी की चोरी कर रहा था। जांच में पता चला है कि इस रैकेट का संबंध मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के अवैध कोक संयंत्रों से भी था। आरोपियों ने फर्जी कंपनियाँ बनाकर जीएसटी से बचने और काले धन को सफेद करने का काम किया।
बदरपुर में पुलिस ने एस.एम. जुबेल अहमद नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को भ्रष्टाचार निरोधक अधिकारी बताकर लोगों को ठग रहा था। उसने अपनी पहचान को पुख्ता करने के लिए एक ऑल्टो कार पर फर्जी मोनोग्राम और नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस को संदेह है कि वह एक बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। पुलिस मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
लोकसभा ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी है, जिससे गुवाहाटी में 550 करोड़ रुपये की लागत से एक नए आईआईएम की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह संस्थान आईआईएम शिलांग के बाद पूर्वोत्तर का दूसरा आईआईएम होगा। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार 550 करोड़ रुपये की पूंजीगत सहायता प्रदान करेगी। यह विधेयक असम सरकार और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के बीच हुए एक समझौते का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य का सर्वांगीण विकास करना है। वर्तमान में, भारत में 21 आईआईएम हैं और गुवाहाटी में बनने वाला यह नया संस्थान असम के लिए एक महत्वपूर्ण विकास कदम है।