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नकली ईडी के यहां असली ईडी का छापा पड़ा

डेढ़ करोड़ की ठगी का मामला बाद में उजागर हुआ

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान के रैना थाने के क्षेमता गांव में बुधवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक सनसनीखेज छापेमारी की। ‘नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी’ के चेयरमैन शेख जिन्नार अली के घर पर यह छापा डेढ़ करोड़ रुपये की कथित ठगी के आरोप में मारा गया। यह घटना तब सामने आई जब जिन्नार पर एक रेत व्यापारी से खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का अधिकारी बताकर बड़ी रकम वसूलने का आरोप लगा।

सुबह लगभग छह बजे, ईडी के चार अधिकारी केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ क्षेमता गांव पहुंचे। उन्होंने सीधे जिन्नार अली के आवास पर धावा बोला और तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई एक विशिष्ट शिकायत के आधार पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जिन्नार अली ने सीजीओ कॉम्प्लेक्स में तैनात ईडी अधिकारी के रूप में पेश होकर एक रेत व्यापारी से डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की थी। यह आरोप अपने आप में गंभीर है और केंद्रीय एजेंसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की।

तलाशी अभियान लगभग एक घंटे तक चला, जिसके दौरान ईडी के अधिकारियों ने घर के चप्पे-चप्पे की छानबीन की। शाम करीब छह बजे अधिकारी जिन्नार के घर से रवाना हुए। हालांकि उन्होंने मीडिया के सामने कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन उनके हाथों में कई फाइलें देखी गईं। यह माना जा रहा है कि ये फाइलें जिन्नार के घर से जब्त की गई हैं, और इनमें इस धोखाधड़ी के मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज या सबूत हो सकते हैं।

इस घटना ने पूरे क्षेमता गांव और आसपास के इलाकों में हड़कंप मचा दिया है। ‘नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कमेटी’ के चेयरमैन के रूप में जिन्नार अली की पहचान और उन पर ईडी अधिकारी बनकर धोखाधड़ी करने का आरोप, दोनों ही बातें लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाएगी, लेकिन ईडी की इस छापेमारी से यह संकेत मिलता है कि जांच एजेंसी इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और भविष्य में इस संबंध में और गिरफ्तारियां या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। जब्त की गई फाइलों से मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है, और जांच से इस धोखाधड़ी के पीछे के पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है।