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वोट प्रतिशत बढ़ा और 19 लाख ईवीएम गायब

ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को सावधान किया


  • दो जनसभाओं में इस बात की चर्चा की

  • चुनाव आयोग से हर बूथ का हिसाब मांगा

  • रात के अंधेरे में खेल कर रही है भाजपा


राष्ट्रीय खबर

मालदाः 19 लाख गायब ईवीएम का इस्तेमाल कर रही है भाजपा। ममता ने विपक्ष से वोटों में बढ़ोतरी को लेकर सावधान रहने को कहा है। चुनाव आयोग ने देशभर में लोकसभा चुनाव के पहले और दूसरे चरण में पड़े वोटों के प्रतिशत की गणना मंगलवार को जारी कर दी है। अंतिम गणना मतदान के लगभग 11 दिन बाद जारी की गई। ऐसे में ममता बनर्जी ने संदेह जताया है। उन्होंने बुधवार को फरक्का और बहरामपुर की सभाओं में आयोग के वोट प्रतिशत की गणना में भाजपा द्वारा हेरफेर किये जाने का संदेह व्यक्त किया। ममता ने देश के सभी विपक्षी दलों को एकजुट होने और इस संबंध में सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने आयोग से ईवीएम की गणना और मतदाताओं की संख्या जानने को भी कहा।

देश में पहले दौर का चुनाव 19 अप्रैल को हुआ था। उस दिन बंगाल के तीन केंद्रों पर मतदान हुआ था। आयोग के मुताबिक 20 तारीख को पहले चरण में करीब 60 फीसदी वोट पड़े। इसके बाद 26 अप्रैल को दूसरे दौर का मतदान हुआ। उस दिन भी बंगाल के तीन केंद्रों पर मतदान हुआ था। आयोग सूत्रों के मुताबिक 60.96 फीसदी वोट पड़े। लेकिन आयोग ने इतने समय तक अंतिम मतगणना की घोषणा नहीं की है। मंगलवार को उन्होंने बयान जारी कर बताया कि पहले चरण में 66.14 फीसदी और दूसरे चरण में 66.71 फीसदी वोट पड़े। यानी पहले की तुलना में करीब छह फीसदी का इजाफा हुआ है। बुधवार को फरक्का की जनसभा से ममता ने इस पर संदेह जताया, 19 लाख ईवीएम अभी भी गायब हैं। हमने उसे कई बार खोजा है। वे दूसरी जगहों से नकली ईवीएम लाकर डाल रहे हैं। जहां भाजपा के वोट कम हैं, वहां वे अतिरिक्त मशीनें ला रहे हैं।

बहरामपुर की सभा से भी ममता ने यही मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में विपक्षी दलों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा, मैं सभी विपक्षी दलों से कहूंगा कि वे इस पर गौर करें। अपने राज्य में ईवीएम का ध्यान रखें। जहां भाजपा को कम वोट मिल रहे हैं, वहां वे रात के अंधेरे में ताले तोड़कर मतगणना केंद्रों में प्रवेश कर रहे हैं। ईवीएम बदल रहे हैं।

ममता ने चुनाव आयोग से लोकतंत्र की पारदर्शिता बनाए रखने की भी मांग की। उन्होंने कहा, मैं किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर रहा हूं। लेकिन मैं आयोग से कहूंगा, आपको लोकतंत्र की पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए। किसी केंद्र पर कितने वोटर, कितनी ईवीएम, मुझे हिसाब चाहिए। अचानक कैसे बढ़ गए वोट? मेरी टीम इस संबंध में पहले ही आयोग को लिख चुकी है।’ मैं विपक्षी दलों से भी सवाल उठाने को कहूंगा।

विपक्ष पहले ही अंतिम मतगणना प्रकाशित करने में आयोग की देरी पर सवाल उठा चुका है। सीपीएम के सीताराम येचुरी, कांग्रेस के जयराम रमेश, तृणमूल के डेरेक ओ ब्रायन, फॉरवर्ड ब्लॉक के जी देवराजन, सभी ने देरी पर सवाल उठाया है। इस बार वोटों में बढ़ोतरी की दर को लेकर भी ममता ने संदेह जताया।

देश में अभी पांच दौर की वोटिंग बाकी है। अगला मतदान 7 मई को होगा। इसके प्रचार के लिए ममता मालदा आयी थी। वहां से उन्होंने एक के बाद एक मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए इस भीषण गर्मी में तीन महीने तक मतदान कराया है। ममता ने कहा, हर कोई गर्मी से परेशान है। तीन महीने से वोटिंग चल रही है। आयोग ने ऐसा क्यों, किसके कहने पर किया? ऐसा भाजपा नेताओं की सुविधा के लिए किया गया। ताकि वे देश भर में आराम से घूम-घूमकर प्रचार कर सकें, उन्हें प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल सके, यही आयोग का उद्देश्य है।