Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आई एजेंट्स ने साइबर सुरक्षा टेस्टिंग के दौरान बनाई फर्जी ऑनलाइन पहचान, यूके AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यू... सावन में गूंज रहे 'हर-हर महादेव' के जयकारे, डिंडौरी के ऋण मुक्तेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सै... तंदुरुस्त दिखने वाले बॉडीबिल्डर क्यों हो रहे अचानक अकाल मृत्यु के शिकार? 2025 के आंकड़े डरा रहे दिल्ली-एनसीआर में 10 अगस्त तक थमने वाली नहीं बारिश! यूपी, बिहार और एमपी में अति भारी वर्षा का अलर्ट ... केरल और असम में बारिश-बाढ़ का तांडव: केरल में 25 और असम में 87 मौतें; 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी आवारा कुत्तों व मवेशियों की समस्या पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: यूपी सरकार को 2 हफ्ते में व्यापक एक्शन... गिरिडीह में आसमानी बिजली का कहर! 4 मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत, क्षेत्र में शोक की लहर महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत! मंत्रियों की ढिलाई पर भड़के एकनाथ शिंदे, संगठन विस्त... भोपाल जंगल सोना-कैश कांड: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत, 18 महीने बा... सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा ईंधन, नए वाह...

आइसलैंड में एक दिन में भूकंप के बाइस सौ झटके

रेक्जाविकः आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक में लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से वैज्ञानिक हैरान और डरे हुए हैं। पिछले 24 घंटे में 2200 बार हिला है यह आइसलैंड। इस वजह से मौसम वैज्ञानिकों को बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का डर सता रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे बड़ा भूकंप आइसलैंड के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आया।

आइसलैंड की राजधानी रेक्जाविक और उसके आसपास का इलाका 24 घंटों में 2,200 बार हिल गया। इस दौरान दो हजार से ज्यादा बार भूकंप आने से मौसम वैज्ञानिकों को बड़ी प्राकृतिक आपदा की आशंका है। आइसलैंड मौसम विज्ञान कार्यालय (आईएमओ) ने कहा कि भूकंप का स्रोत फाग्राडाल्सफजोल पर्वत के नीचे था।

यह पर्वत एक ज्वालामुखी पर है। आइसलैंड के दक्षिण-पश्चिमी छोर पर स्थित रेक्जाविक में पिछले दो वर्षों में दो बार विस्फोट हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में सबसे बड़ा भूकंप आइसलैंड के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आया। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि अभी और झटके आने की संभावना है।

इतनी बार कंपन क्यों के बारे में आइसलैंड के मौसम वैज्ञानिकों ने कहा, यह विस्फोट से पहले का बड़ा संकेत है। और ऐसा बहुत जल्द होने की उम्मीद है। आईएमओ सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर झटके हल्के थे। हालाँकि, सात मध्यम झटके आए। आइसलैंड एक सक्रिय ज्वालामुखी क्षेत्र है। परिणामस्वरूप वहां कभी-कभी कंपन महसूस होता है।

लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि भूकंप पहले इतनी बार नहीं आया है। विस्फोट से पहले वे स्पष्ट रूप से नहीं बता सके थे कि इस झटके में प्राकृतिक आपदा की तस्वीर कितनी भयावह होगी। लेकिन अचानक से भूकंप के झटकों की संख्या बढ़ जाने की वजह से जमीन के नीचे हलचल तेज होने की पुष्टि हो गयी है। बताया गया है कि ज्वालामुखी क्षेत्र में कई स्थानों पर जमीन के अंदर से अब भाप भी निकलने लगी है।