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पुलवामा पर श्वेत पत्र जारी करे केंद्र सरकारः कांग्रेस

सत्यपाल मलिक और जनरल चौधरी के बयान से दबा मामला चर्चा में

  • दो पूर्व सैन्य अधिकारी भी मांग में शामिल

  • विमान नहीं देने का फैसला किस स्तर का

  • बाकी पर बयान आया तो इसपर चुप्पी क्यों

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्य पाल मलिक द्वारा किए गए चौंकाने वाले खुलासे के बाद कांग्रेस पार्टी ने पुलवामा आतंकी हमले पर एक श्वेत पत्र की मांग की है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है।

नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू से श्रीनगर तक विमान से यात्रा करने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। दरअसल श्री मलिक के बयान के बाद पूर्व थलसेनाध्यक्ष जनरल शंकर राय चौधरी ने भी इस पर साफ साफ कहा है कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को नैतिक जिम्मेदारी लेना चाहिए।

पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कांग्रेस नेताओं शक्तिसिंह गोहिल, कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी और विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत के परिणामस्वरूप मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए।

इस विषय पर पूर्व में जब राहुल गांधी ने सवाल किया था तो उन्हें सेना का मनोबल तोड़ने वाला और पाकिस्तान को मदद पहुंचाने वाला करार दिया गया था। अब हालत यह है कि मोदी सरकार द्वारा राज्यपाल नियुक्त किए गए भाजपा नेता मलिक द्वारा किए गए खुलासे पर केंद्र सरकार और भाजपा ने चुप्पी साध रखी है।

उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख जनरल शंकर रॉयचौधरी के विचारों का जवाब नहीं दिया है, जिन्होंने कहा था, पुलवामा में जानमाल के नुकसान की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार की है, जिसे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सलाह देते हैं। दोनों सैन्य दिग्गजों ने कहा कि पिछले आतंकवादी हमलों, जैसे 2011 के मुंबई बम विस्फोट और 2016 में पठानकोट हमले में पूछताछ की गई और निष्कर्ष सार्वजनिक किए गए।

उन्होंने कहा कि सच्चाई को स्थापित करने, जिम्मेदारी तय करने और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह आवश्यक था। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि हम मांग करते हैं कि भारत सरकार पुलवामा हमलों पर एक श्वेत पत्र प्रकाशित करे, जिसमें यह बताया जाए कि हमले कैसे हुए, खुफिया विफलताएं क्या थीं, सैनिकों को विमान से वंचित क्यों किया गया, सुरक्षा में क्या चूक हुई।

इसके साथ ही सीआरपीएफ की भूमिका, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और प्रधानमंत्री कार्यालय की गतिविधियों पर भी श्वेतपत्र में तथ्य शामिल किया जाए।

पार्टी मुख्यालय में मंगलवार को एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, कांग्रेस नेताओं शक्तिसिंह गोहिल, कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी और विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) अनुमा आचार्य ने 40 सीआरपीएफ जवानों की मौत के परिणामस्वरूप मोदी सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। चूंकि इस बार कांग्रेस की तरफ से दो पूर्व सैन्य अधिकारियों ने भी सवाल उठाये हैं, इसलिए मामला गंभीर हो गया है।

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