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जमीन पर भाजपा और टिपरा मोथा समर्थक भिड़े

  • टिपरा मोथा को अपने साथ रखना चाहती है भाजपा

  • कई इलाकों में दोनों दलों के समर्थक आपस में भिड़े

  • सीएम माणिक साहा ने हिंसा रोकने की अपील भी की है

राष्ट्रीय खबर

अगरतलाः त्रिपुरा में सरकार गठन के पहले उत्तर पूर्व के सबसे कद्दावर भाजपा नेता और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत की बात चीत चल रही है। भाजपा इस राज्य में आदिवासियों की इस पार्टी को अपने साथ रखना चाहती है।

इस वार्ता के जारी रहने के बीच ही कई इलाकों में इन दोनों दलों के समर्थकों के बीच मार पीट हो चुकी है। हिंसक माहौल को देखते हुए निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक साहा ने चुनाव के बाद की हिंसा को रोकने की अपील की। लेकिन उनकी अपील के बावजूद चुनाव के नतीजे आने के बाद से इलाके में चुनाव के बाद हिंसा शुरू हो गई है।

कई जगहों पर लूटपाट, तोड़फोड़, घर में आग लगाने की शिकायतें मिली हैं। लेकिन न सिर्फ विपक्षी सीपीएम और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं,  भाजपा के विजयी कार्यकर्ता समर्थकों पर भी हमले हो रहे हैं। कुल मिलाकर कई जगहों पर राजनीतिक हिंसा के आरोप लगे हैं।

इस बीच जगह-जगह हिंसा को रोकने के लिए पुलिस मैदान में उतर आई है। कैचिंग भी जोरों पर चल रही है। कम से कम 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जगह-जगह पेट्रोलिंग कर रही है। इस बीच इस घटना को लेकर राजनीतिक दबाव भी जोरों पर है।

विपक्ष का दावा है कि भाजपा के संरक्षण में बदमाश चुनाव में कूदे हैं। जगह-जगह घरों में तोड़फोड़ की जा रही है। उसके साथ आगजनी की जा रही है। विपक्ष ने दावा किया कि त्रिपुरा में चुनाव के बाद की अराजक स्थिति लौट रही है।

इस बीच टिपरा मोथा के विजयी प्रत्याशी रंजीत देबवर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं समर्थकों को आश्वासन दिया। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने अपील की है कि किसी भी तरह से हिंसा नहीं फैलानी चाहिए। वाम-कांग्रेस नेताओं ने भी शांति की अपील की है।

हर कोई चुनाव के नतीजे के बाद चाहता है ताकि राजनीतिक हिंसा से किसी और को चोट न पहुंचे। इसलिए सत्ता पक्ष, विपक्ष के राजनीतिक दलों ने सभी से अपील की है कि किसी भी तरह के उकसावे में कदम न रखें। इस बीच, विपक्षी भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों ने हाल के दिनों में बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा की शिकायत की है।

इस बार त्रिपुरा में भाजपा के एक धड़े पर राजनीतिक हिंसा करने का आरोप लगा है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता माणिक सरकार इस बार के चुनाव को प्रहसन बता चुके हैं। उनके मुताबिक भाजपा ने सारे घटिया हथकंडों का इस्तेमाल कर इस राज्य में चुनाव जीता है।