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आल्प्स पर्वत पर उग रहे हैं मरूभूमि के पौधे, लोग भयभीत

वालिसः स्विटजरलैंड एक सुंदर देश है। यह दुनिया भर के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण का केंद्र है। इसी देश के दक्षिण में आल्प्स और उत्तर पश्चिम में जुरा। यह देश अपनी पहाड़ी सुंदरता के लिए स्विट्जरलैंड के पर्यटन आकर्षणों में से एक है। दुनिया भर से पर्यटक हर साल यहां आते हैं।

वहां कुछ ऐसे पर्यावरण संबंधी बदलाव दिख रहे हैं जिसकी वजह से स्थानीय लोग भयभीत हैं और किसी बड़े खतरे की आशंका भी जता रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि वैश्विक गर्मी यानी ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव इस इलाके पर पड़ा है। इसी वजह से इतनी खूबसूरती वाले देश में प्रदूषण भी अपना कहर बरपा रहा है।

हाल ही में ऐसी जानकारी सामने आई। यह देश अपने खूबसूरत बर्फीले परिदृश्य के लिए प्रसिद्ध है। उस बर्फ से कैक्टस का प्रसार प्रभावित होता है। ओपंटिया प्रजाति का यह पेड़ मैटरहॉर्न पर्वत की ढलानों पर उग रहा है। आम तौर पर यह धारणा है कि कैक्टस प्रजाति के पेड़ मरूभूमि के इलाके में उगते हैं।

इस बर्फीले इलाके में ऐसे कैक्टस क्यों उग रहे हैं, इस बारे में अब तक कोई विज्ञान सम्मत जानकारी सामने नहीं आयी है। दूसरी तरफ पर्यावरण वैज्ञानिक बता रहे हैं कि इन कैक्टसों की वजह से वहां की पौध विविधता नष्ट हो रही है। इस कैक्टस की वृद्धि क्षेत्र की जैव विविधता के लिए एक बड़ा खतरा है। एक रिपोर्ट में इस बारे में विस्तार से बताया गया है।

आम तौर पर यह कहा जाता है कि यह विशेष प्रजाति 23 से 30 प्रतिशत वनस्पति को कवर करती है। जीवविज्ञानी इयान ट्रिपोनेज़ ने कहा, यह कैक्टस वैलेस के कई हिस्सों पर कब्जा कर लेगा। यह अनुमान लगाया गया है कि कम से कम एक तिहाई पर थीस्ल का कब्जा हो सकता है। इससे प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ स्थानीय जैव विविधता को भी नुकसान होगा।

कैक्टस आमतौर पर शुष्क और गर्म जलवायु में उगता है। इसके बजाय, इस पेड़ को ठंडी प्रेयरी भूमि में नहीं उगना चाहिए। पर्यावरण प्रदूषण के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इस क्षेत्र का तापमान बढ़ रहा है और परिणामस्वरूप यहां के इलाके में कैक्टस का फैलाव हो रहा है। दक्षिणी स्विट्ज़रलैंड में वालिस के कैंटन में पहाड़ की ढलानों पर उगने वाला कैक्टस किसी आने वाले खतरे के प्रति स्थानीय लोगों को आगाह कर रहा है।