Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे भारी! इन जिलों में ओले, आंधी और बारिश की चेतावनी; IMD... मध्य प्रदेश में नामी कारोबारी ने खुद को मारी गोली, सुसाइड से इलाके में फैली सनसनी; जांच में जुटी पुल... Jail Suicide : जेल में महिला कैदी ने की आत्महत्या; दहेज प्रताड़ना के आरोप में थी बंद, न्यायिक जांच क... Namo Yamuna Cruise: दिल्ली में 'नमो यमुना' क्रूज का टिकट काउंटर तैयार; 5KM का सफर और 1 घंटे की सैर, ... Cricket Scandal: महिलाओं के बाथरूम में छिपकर बनाया वीडियो; 2 क्रिकेटर गिरफ्तार, खेल जगत में मचा हड़क... Deepika Padukone Pregnancy: फिल्म 'किंग' की शूटिंग शुरू! सेट से लीक हुई फोटो में दीपिका का हाथ पकड़े... Donald Trump Attack: सिर्फ 4 सेकंड में सुरक्षा घेरा पार! ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग का खौफनाक ... Economy News: डीजल-ATF पर विंडफॉल टैक्स में बड़ी कटौती; पेट्रोल निर्यात पर नहीं लगेगी ड्यूटी, आम जनत... Buddha Purnima 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर पढ़ें भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान और मोक्ष की कथा; घर में आएगी ... FSSAI Weight Loss Tips: मोटापा दूर करने के लिए अपनाएं FSSAI की ये 7 अच्छी आदतें; हमेशा रहेंगे फिट और...

चुनाव नहीं लड़ेंगे त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार

  • माकपा का एकतरफा फैसला, कांग्रेस नाखुश

  • दिल्ली में अभी चल रही शीर्ष नेताओं की बात

  • चुनाव में तृणमूल कांग्रेस भी इस बार मैदान में

राष्ट्रीय खबर

अगरतलाः भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस और माकपा गठबंधन की चुनावी तैयारी काफी आगे निकल रही है। माकपा की तरफ से यह एलान कर दिया गया है कि विधानसभा की 13 सीटें वे कांग्रेस के लिए छोड़ रहे हैं। इससे कांग्रेस खेमा में असंतोष है और साफ तौर पर कहा गया है कि इससे भाजपा के खिलाफ की मोर्चाबंदी माकपा की एकतरफा कार्रवाई से कमजोर होगी।

दरअसल कुछ ऐसा ही एलान पश्चिम बंगाल में भी माकपा ने किया था। सीटों के बंटवारे पर कोई सहमति होने के पहले ही माकपा का ऐसा एलान दूसरी बार हुआ है। पश्चिम बंगाल में यह काम विमान बसु की तरफ से किया गया था और यहां पर माकपा नेता नारायण कर ने यह एकतरफा एलान किया है। वैसे वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को 49 प्रतिशत, कांग्रेस को 25 प्रतिशत और वाम मोर्चा को 17 प्रतिशत वोट मिले थे। साठ सदस्यों वाली इस विधानसभा में भाजपा ने 51 सीटें जीतकर नया रिकार्ड बना दिया था।

उस चुनाव में कांग्रेस को नौ सीटें मिली थी। इस एलान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि माकपा नेतृत्व प्रदेश में तिप्रा मोथा आदिवासी संगठन के साथ भी चुनावी तालमेल करने की इच्छा नहीं रखता है। वैसे इस बारे में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीरजीत सिंह ने कहा कि दिल्ली में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी के साथ पार्टी नेतृत्व की बात चीत चल रही है। सीटों का मसला दरअसल दिल्ली में ही तय होगा।

माकपा के साथ साथ वाम मोर्चा मे आरएसपी, भाकपा और फॉरवर्ड ब्लाक भी हैं। इन तीनों दलों को भी माकपा ने एक एक सीटें देने का एलान किया है। एक सीट पर वाम मोर्चा समर्थित एक निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा बड़ी बात यह है कि इस बार के चुनाव में माकपा नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार के अलावा कई बड़े नेता मसलन बादल चौधरी, भानूलाल साहा, शाहीद चौधरी और तपन चक्रवर्ती जैसे पूर्व मंत्रियों को भी प्रत्याशी नहीं बनाया जाएगा।

इस उठा पटक के बीच नई ताकत के तौर पर राज्य में तृणमूल कांग्रेस का भी उदय हो चुका है। इसलिए अब तक चुनावी माहौल में भाजपा के खिलाफ कोई सम्मिलित मोर्चाबंदी की उम्मीद अभी नहीं के बराबर है।