Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शराबबंदी पर पुलिस का प्रहार: वैशाली में दरोगा की करतूत, आर्मी जवान को बनाया निशाना सुप्रीम कोर्ट का सख्त एक्शन: पार्श्वनाथ डेवलपर्स के डायरेक्टरों के बैंक अकाउंट फ्रीज, जारी किया वारं... यूपी पंचायत चुनाव: ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की सुनवाई टली उद्धव ठाकरे का बड़ा ऐलान: सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके के आंदोलन को दिया समर्थन Badrinath News: दान में हेराफेरी के आरोप में मंदिर समिति के कर्मचारी पर गिरी गाज, पुलिस हिरासत में प... बांकीपुर उपचुनाव: धोखाधड़ी मामले में वीणा मानवी की गिरफ्तारी पर तेजप्रताप यादव का बड़ा बयान Ayodhya News: राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर SC सख्त, ट्रस्ट और SIT को जारी किया नोटिस Ayodhya Ram Mandir Recruitment: राम मंदिर के लिए CEO पद की वैकेंसी, ऐसे भेजें अपना आवेदन अब पानी और बिजली से डिजिटल डीएनए की क्रांति, देखें वीडियो पासपोर्ट नागरिकता नहीं तो क्या हैः जस्टिस धूलिया

तिगारे विद्रोहियों ने भारी हथियारों का आत्मसमर्पण किया

अदीस अबाबाः तिगारे विद्रोहियों ने अब अपने पास के भारी हथियारों को इथोपिया की सेना को सौंपना प्रारंभ कर दिया है। दोनों पक्षों में हुई शांति वार्ता के बाद यह काम अमल में लाया जा रहा है। इसके पहले चरण में तिगारे विद्रोही सिर्फ अपने पास के भारी हथियार ही इथोपिया की सेना को सुपुर्द कर रहे हैं। अफ्रीकन यूनियन ने इस पहल को इलाके में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम बताया है।

याद दिला दें कि वहां पिछले दो वर्षों से इथोपिया की सेना और तिगारे विद्रोहियों के बीच हिंसक टकराव चल रहा था। इसकी वजह से लाखों लोग इलाका छोडकर दूसरे देशों में शरणार्थी बन गये हैं। सरकार ने भी तिगारे विद्रोहियों को सबक सीखाने के लिए वहां राहत आवंटन भी काफी समय से रोक रखा था। इसके अलावा वहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया था।

राहत बंद होने की वजह से हजारों लोग वहां भुखमरी के शिकार पहले ही हो चुके हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री आबी अहमद ने आरोप लगाया था कि तिगारे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ने इलाके पर कब्जा करते हुए सरकार को गिराने की साजिश रची थी। इन विद्रोहियों ने कई सैन्य शिविरों तक पर कब्जा कर लिया था। वर्ष 2021 में भी तिगारे विद्रोही राजधानी अदीस अबाबा के काफी करीब पहुंच गये थे। बाद में किसी तरह उन्हें पीछे धकेला जा सका था।

तिगारे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता गेटाचू रेडा ने कहा कि शांति वार्ता और बड़े हथियारों को सेना को सुपुर्द करने के बाद जो शांति आयेगी वह दीर्घस्थायी होगी। उन्हें उम्मीद है कि सरकार अपने वादे पर कायम रहेगी। तिगारे विद्रोहियों ने हथियारों के समर्पण के तहत बख्तरबंद वाहन, रॉकेट लॉंचर और मोर्टार जैसे बड़े हथियार सौंप दिये हैं। इथोपिया की सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल आलेमी ताडेल की मौजूदगी में यह काम पूरा किया गया है।

इस मौके पर अफ्रीकन यूनियन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने यह काम पूरा होने की बात कही है। इसके बाद सरकार की तरफ से भी वहां धीरे धीरे जनोपयोगी व्यवस्थाओं को बहाल किया जाने लगा है। इनमें बिजली, बैंक चालू हो गये हैं पर उनके संचालन की गति अभी धीमी है। शेष बाधित सेवाओं को भी शीघ्र ही चालू कर लिया जाएगा।