Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...

तिगारे विद्रोहियों ने भारी हथियारों का आत्मसमर्पण किया

अदीस अबाबाः तिगारे विद्रोहियों ने अब अपने पास के भारी हथियारों को इथोपिया की सेना को सौंपना प्रारंभ कर दिया है। दोनों पक्षों में हुई शांति वार्ता के बाद यह काम अमल में लाया जा रहा है। इसके पहले चरण में तिगारे विद्रोही सिर्फ अपने पास के भारी हथियार ही इथोपिया की सेना को सुपुर्द कर रहे हैं। अफ्रीकन यूनियन ने इस पहल को इलाके में स्थायी शांति बहाल करने की दिशा में बहुत बड़ा कदम बताया है।

याद दिला दें कि वहां पिछले दो वर्षों से इथोपिया की सेना और तिगारे विद्रोहियों के बीच हिंसक टकराव चल रहा था। इसकी वजह से लाखों लोग इलाका छोडकर दूसरे देशों में शरणार्थी बन गये हैं। सरकार ने भी तिगारे विद्रोहियों को सबक सीखाने के लिए वहां राहत आवंटन भी काफी समय से रोक रखा था। इसके अलावा वहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया था।

राहत बंद होने की वजह से हजारों लोग वहां भुखमरी के शिकार पहले ही हो चुके हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री आबी अहमद ने आरोप लगाया था कि तिगारे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ने इलाके पर कब्जा करते हुए सरकार को गिराने की साजिश रची थी। इन विद्रोहियों ने कई सैन्य शिविरों तक पर कब्जा कर लिया था। वर्ष 2021 में भी तिगारे विद्रोही राजधानी अदीस अबाबा के काफी करीब पहुंच गये थे। बाद में किसी तरह उन्हें पीछे धकेला जा सका था।

तिगारे पीपल्स लिबरेशन फ्रंट के प्रवक्ता गेटाचू रेडा ने कहा कि शांति वार्ता और बड़े हथियारों को सेना को सुपुर्द करने के बाद जो शांति आयेगी वह दीर्घस्थायी होगी। उन्हें उम्मीद है कि सरकार अपने वादे पर कायम रहेगी। तिगारे विद्रोहियों ने हथियारों के समर्पण के तहत बख्तरबंद वाहन, रॉकेट लॉंचर और मोर्टार जैसे बड़े हथियार सौंप दिये हैं। इथोपिया की सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल आलेमी ताडेल की मौजूदगी में यह काम पूरा किया गया है।

इस मौके पर अफ्रीकन यूनियन के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने यह काम पूरा होने की बात कही है। इसके बाद सरकार की तरफ से भी वहां धीरे धीरे जनोपयोगी व्यवस्थाओं को बहाल किया जाने लगा है। इनमें बिजली, बैंक चालू हो गये हैं पर उनके संचालन की गति अभी धीमी है। शेष बाधित सेवाओं को भी शीघ्र ही चालू कर लिया जाएगा।