Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कबीरधाम का फिर बजा डंका! काम देने में छत्तीसगढ़ का नंबर-1 जिला बना कवर्धा; मिली बड़ी कामयाबी आजादी के 'अमृत काल' में ये कैसी मजबूरी? सूरजपुर में 1KM पैदल चलकर डबरी का गंदा पानी पीने को मजबूर ग्... भीषण सड़क हादसा: बस और कंटेनर की टक्कर से मची चीख-पुकार, 5 लोग गंभीर रूप से घायल; मलबे में फंसे रहे ... धमतरी के खेतों में उड़ेगा 'ड्रोन'! कलेक्टर की पहल से हाईटेक हुई खेती; किसानों की मेहनत होगी कम, मुना... रायपुर के बच्चों के लिए खुशखबरी! कला केंद्र में शुरू हो रहा खास समर कैंप, 3 चरणों में होगा 'फन और लर... MCB में वन विभाग का बड़ा एक्शन! अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर; अतिक्रमण हटाने पर मचा बवाल छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति! अब मोबाइल पर मिलेगी पैथोलॉजी रिपोर्ट, 14 अप्रैल को जगदलपुर से पहली ... कवर्धा में POCSO एक्ट का उल्टा केस! नाबालिग लड़के से दुराचार के आरोप में महिला गिरफ्तार; इलाके में स... बंगाल चुनाव में 'कटमनी' और 'छत्तीसगढ़' के पैसे पर बवाल! बीजेपी का ममता पर हमला, कांग्रेस ने भी घेरा झांसी-ओरछा के बीच सफर होगा आसान! ₹631 करोड़ से बनेगा नया ग्रीनफील्ड बायपास; NH 44 को मिलेगी जाम से म...

भारत चीन के बीच हुई सैन्य कमांडर स्तर की बैठक

  • चुशूल मोल्दो में हुई सैन्य कमांडरों की 17वीं बैठक

  • दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अपनी राय व्यक्त की

  • तवांग की घटना के बाद यह पहली बैठक थी

नयी दिल्ली: भारत एवं चीन के बीच सीमा मामलों पर वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की 17वीं बैठक गत मंगलवार 20 दिसंबर को हुई जिसमें पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए संपर्क एवं संवाद बनाये रखने पर सहमति बनी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यहां नियमित ब्रीफिंग में संवाददाताओं से कहा कि भारत चीन कोर कमांडर स्तर की 17वीं बैठक 20 दिसंबर को चुशूल मोल्दो में हुई। गत 17 जुलाई को 16वीं बैठक से आगे प्रगति करते हुए दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर में एलएसी पर महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान को लेकर अपने अपने विचार खुले एवं रचनात्मक ढंग से साझा किये।

श्री बागची ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच दोनों देशों के नेताओं के दिशानिर्देशों के अनुरूप खुली एवं गहन चर्चा हुई ताकि एलएसी के पश्चिमी सेक्टर में बाकी मुद्दों का समाधान हो और शांति एवं स्थिरता कायम हो जिससे भारत एवं चीन के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति हो सके।

उन्होंने कहा कि अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों ने पश्चिमी सेक्टर में जमीनी स्तर सुरक्षा एवं स्थिरता बनाये रखने पर सहमति जतायी। दोनों पक्षों ने सैन्य एवं राजनयिक चैनलों के माध्यम से एक दूसरे के निकट संपर्क में रहकर संवाद कायम रखने तथा बाकी मुद्दों के परस्पर स्वीकार्य समाधान के लिए काम करने पर सहमति व्यक्त की।

भारत एवं चीन के बीच तवांग की घटना के बाद यह पहली सैन्य स्तर की बैठक थी। चीन में कोविड की स्थिति एवं प्रवासी भारतीयों के लिए एडवायजरी के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने दूतावास के माध्यम से चीन में कोविड की स्थिति पर पैनी नजर रखे हैं। हमने विश्व के अन्य देशों की दवाओं एवं टीकों के माध्यम से मदद की है क्योंकि हमें दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है। हमने अभी तक कोई यात्रा एडवायजरी जारी नहीं की है लेकिन लोगों उस देश के दिशानिर्देश मानने चाहिए जहां वे रहते हैं।