Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में चुनाव बाद हिंसा रोकने को आयोग सख्त, 15 जून तक तैनात रहेगी सेंट्... Patna Metro Phase 2 Inauguration: पटना मेट्रो के दूसरे चरण का उद्घाटन कब? आ गई डेट; बेली रोड से बैरि... उन्नाव में 'काल' बनी ड्राइवर की एक झपकी! डिवाइडर से टकराकर पलटी तेज रफ्तार बस; 1 महिला की मौत, 22 या... Lucknow Builder Honeytrap Case: लखनऊ के बिल्डर पर रेप और ब्लैकमेलिंग का केस, पीड़िता से मांगी 5 लाख ... Sanjay Nishad News: क्या BJP का साथ छोड़ेंगे संजय निषाद? गोरखपुर में छलके आंसू, सपा-बसपा पर निशाना औ... Gorakhpur Religious Conversion: गोरखपुर में अवैध धर्मांतरण का गिरोह पकड़ा गया, 4 अरेस्ट; अंधविश्वास ... Sonitpur Accident: शोणितपुर में एंबुलेंस-ट्रक की भिड़ंत, 6 लोगों की जान गई, 2 घायल; नेशनल हाईवे पर ल... कश्मीर में 'इंसानियत' की मिसाल! ईरान के लिए महिलाओं ने दान किए गहने, बच्चों ने दी गुल्लक; विधायक ने ... Delhi Electricity Rate Hike 2026: दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ाने की तैयारी, 1 अप्रैल से बदल सकते हैं... Weather Update Today: दिल्ली में बारिश से सुहावना हुआ मौसम, यूपी-एमपी में फिर चढ़ेगा पारा; हिमाचल सम...

कोलकाता में भाजपा तलाश रही ढेरों मोटरसाइकिलें

  • यूपी से भी कुछ बाइक लाये गये थे

  • स्थानीय स्तर पर हुई थी इनकी खरीद

  • एक गोदाम से 23 बाइकों का पता चला

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल भाजपा अब दूसरे किस्म की परेशानियों से घिरी हुई है। दरअसल राज्य में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच ही अचानक से यह परेशानी खड़ी हो गयी है। मामला सार्वजनिक हो जाने के बाद पार्टी के बड़े नेता इस विषय पर अब बयान देने से भी बच रहे हैं।

दरअसल विधानसभा चुनाव के पहले पश्चिम बंगाल भाजपा को 294 बाइक मिले थे। इतने दिनों तक उसके बारे में कोई खोज खबर नहीं ली गयी थी। चुनाव के वक्त इन्हें भाजपा के प्रदेश कार्यालय के सामने ही खड़ी हालत में देखा जाता था। समय समय पर इन बाइकों का पार्टी के कार्यकर्ता इस्तेमाल भी किया करते थे। उसके बाद से किसी का ध्यान इस तरफ गया ही नहीं था।

अब पंचायत चुनाव करीब आने के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं को आने जाने की सुविधा देने के लिए उनकी तलाश की गयी तो वे सारे गायब मिले। भाजपा का प्रदेश कार्यालय इस चर्चा के सार्वजनिक हो जाने की वजह से ही परेशान है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर ही राज्य के सभी विधानसभा के लिए एक एक बाइक खरीदी गयी थी। इसलिए वहां 294 बाइक लाये गये थे।

मिली जानकारी के मुताबिक इनके अलावा उत्तरप्रदेश से भी कुछ और बाइक लाये गये थे। दरअसल दूसरे राज्य की गाड़ी का नंबर होने से पुलिस परेशान करती है, इसलिए तय किया गया था कि स्थानीय स्तर पर ही इनकी खरीद होगी। इसी फैसले के आधार पर उनकी खरीद भी स्थानीय स्तर पर की गयी थी। अब दोबारा जब उनकी तलाश की गयी तो वे नदारत मिले।

बाद में पता चला कि भाजपा का एक गोदाम बेलेघाटा इलाका में है। वहां पर 23 बाइक पाये गये हैं। लेकिन बाकी सारे कहां गये, इसकी जानकारी कोई नहीं दे पा रहा है। आरोप तो यह भी लग रहा है कि मौके का लाभ उठाते हुए कई लोगों ने इन बाइकों को अपने नाम पर खऱीद लिया था। बाद में वे उन्हें अपने घर ले गये हैं। अब किसी ने उसे बेच भी दिया है अथवा नहीं, उसकी भी छानबीन होने लगी है।

पार्टी कार्यालय के पास इन बाइकों का नंबर तो है। इसलिए यह जांचना कठिन नहीं होगा। अधिक शोरगुल होने के बाद यह बात सामने आयी है कि इनकी देखभाल की जिम्मेदारी हुगली के एक नेता को दी गयी थी। अब वह नेता इस बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शमीक भट्टाचार्य से जब मीडिया ने इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने यह कहकर कन्नी काट ली कि जिसकी जिम्मेदारी में वह बाइक थे, वे लोग भी इस बारे में कुछ जानकारी दे सकेंगे।