Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

निर्दोष की हत्या के जुर्म में 49 को मृत्युदंड

अलजियर्सः यहां की एक अदालत ने एक साथ 49 लोगों को मौत की सजा सुनायी है। वैसे तय है कि यह सजा बाद में आजीवन कैद में तब्दील हो जाएगी क्योंकि अभी यहां मृत्यदंड देन पर रोक है। इनलोगों का अपराध सिद्ध हो गया है। इन लोगों ने मिलकर एक निर्दोष व्यक्ति को पीट पीटकर मार डाला था।

दरअसल जिसे मारा गया वह जंगल में लगी आग को बूझाने गया था और भीड़ ने उसे आग लगाने वाला समझकर इतनी पिटाई की कि उसकी मौत हो गयी। मारा गया व्यक्ति जामेल बेन इस्माइल था। यह घटना वर्ष 2021 की है। देश में दावानल की अनेक घटनाएं हुई थीं और इसमें 90 लोग जलकर मरे थे।

इस्माइल भी अपने घऱ से काफी दूर जंगल में लगी आग को बूझाने के लिए चला गया था। वह जहां मदद के लिए गया था वह इलाका उसके घऱ से दो सौ मील की दूरी पर है। आरोप है कि घटनास्थल पर पहुंचन के बाद स्थानीय भीड़ ने उस पर यह आरोप लगाया कि जंगल में आग उसी ने लगायी है। इसके बाद उस पर भीड़ ने हमला कर दिया और उसकी मौत हो गयी। बाद में किसी ने इस बारे में एक वीडियो सोशल मीडिया में जारी कर दिया।

इस वीडियो में भीड़ को उसे पीटते और बाद में गांव के बीच ले जाकर उसे जिंदा जला देते देखा गया। इस वीडियो को वायरल होते ही बवाल मच गया और हर स्तर पऱ इसकी आलोचना होने लगी। सरकार पर भी निकम्मेपन के आरोप लग गये। इस्माइल के भाई ने सोशल मीडिया से यह वीडियो मिटा देने की अपील भी की और कहा उसकी मां को पता ही नहीं चल पाया कि उसके एक बेटा इस तरीके से मारा गया है।

मृतक के पिता ने भी कहा कि दरअसल उनका बेटा संकट में दूसरों की मदद करने गया था। माहौल बिगड़ने के बीच ही इस परिवार ने शांति बनाये रखने की अपील भी की। मामला अत्यधिक चर्चित होने की वजह से मामले की जांच हुई। इसमें घटना में लिप्त लोगों को इस अपराध के लिए दोषी पाया गया।