Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
आई एजेंट्स ने साइबर सुरक्षा टेस्टिंग के दौरान बनाई फर्जी ऑनलाइन पहचान, यूके AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यू... सावन में गूंज रहे 'हर-हर महादेव' के जयकारे, डिंडौरी के ऋण मुक्तेश्वर धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सै... तंदुरुस्त दिखने वाले बॉडीबिल्डर क्यों हो रहे अचानक अकाल मृत्यु के शिकार? 2025 के आंकड़े डरा रहे दिल्ली-एनसीआर में 10 अगस्त तक थमने वाली नहीं बारिश! यूपी, बिहार और एमपी में अति भारी वर्षा का अलर्ट ... केरल और असम में बारिश-बाढ़ का तांडव: केरल में 25 और असम में 87 मौतें; 8 जिलों में रेड अलर्ट जारी आवारा कुत्तों व मवेशियों की समस्या पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त: यूपी सरकार को 2 हफ्ते में व्यापक एक्शन... गिरिडीह में आसमानी बिजली का कहर! 4 मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की दर्दनाक मौत, क्षेत्र में शोक की लहर महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल के संकेत! मंत्रियों की ढिलाई पर भड़के एकनाथ शिंदे, संगठन विस्त... भोपाल जंगल सोना-कैश कांड: पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से मिली जमानत, 18 महीने बा... सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस पेट्रोल पंप पर नहीं मिलेगा ईंधन, नए वाह...

एक हमले में एक हजार से अधिक रूसी सैनिकों की मौत

कियेबः यूक्रेन की सेना ने रूसी सेना को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया है। समझा जा रहा है कि डोनेत्स्क और लायमन इलाके में पिछले चौबीस घंटे में इतने रूसी सैनिक मारे गये हैं।

यूक्रेन का दावा है कि अब तक के युद्ध में 71 हजार से अधिक रूसी सैनिक मारे गये हैं। वैसे यह दावा सही है अथवा नहीं, इसकी पुष्टि रूस की तरफ से नहीं हो पायी है। सिर्फ यह पता है कि रूसी मिसाइलें अब और तेजी से यूक्रेन के विभिन्न इलाकों में गिर रही है। जिसकी वजह से अनेक इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गयी है।

ठंड के मौसम में बिजली गुल होने की वजह से आम नागरिकों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यूक्रेन की सेना ने पूरी तैयारी के साथ कई इलाकों में एक साथ हमला किया था। दूसरी तरफ रूसी सेना यूक्रेन की सेना के इन हमलों के लिए शायद तैयार नहीं थी।

इसी वजह से उन्हें इतना अधिक नुकसान एक ही दिन में उठाना पड़ा है। यह दावा किया गया है कि इन दोनों ही इलाकों मे रूसी सेना पीछे हटी है और यूक्रेन ने अपनी खोयी हुई जमीन का काफी हिस्सा फिर से अपने नियंत्रण में ले लिया है। यूक्रेन के जनरल शेरही शापताला का कहना है कि इस दौरान यूक्रेन के द्वारा दागे गये 44 मिसाइल अपने लक्ष्य पर पहुंचे हैं। इन मिसाइलों से भी रूसी सेना को नुकसान हुआ है।

इस बीच ब्रिटिश गुप्तचरों का दावा है कि रूसी सेना अब युद्ध के मैदान में तैयार नजर नहीं आ रही है। उनके पास जो हथियार हैं, वे भी पुराने जमाने के हैं। साथ ही रूसी सेना के अधिकांश लोग इन हथियारों का बेहतर इस्तेमाल करना भी शायद नहीं जानते हैं।

रूस ने अपनी सुरक्षित सेना के नाम पर जिनलोगों को युद्ध के मोर्चे पर भेजा है, उनके पास भी पुराने जमाने के हथियार हैं तथा वे उन्हें ठीक तरीके से नहीं चला पा रहे हैं। ब्रिटिश गुप्तचरों की तरफ से यह दावा तब किया गया है जबकि रूस ने अपनी नौसेना पर हुए हमले में किसी गैर सैनिक नाव पर सवार ब्रिटिश विशेषज्ञों पर हमला किये जाने का आरोप लगाया है।