छात्र आंदोलन के बीच हिंसक घटना की बड़ी घटना
ऑबेनः दक्षिण-पूर्वी फ्रांस के मार्सेली शहर के पास स्थित जोसेफ-लाकनाल मिडिल स्कूल में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 14 वर्षीय छात्र ने अपने गिटार के केस में छिपाई शिकार करने वाली बंदूक निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में स्कूल के 53 वर्षीय प्रधानाध्यापक और एक 37 वर्षीय शिक्षिका पैर व पीठ के निचले हिस्से में छर्रे लगने से घायल हो गए।
यह घटना सुबह करीब 10 बजे घटी। डिप्टी पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ऑड्रे जुआनेटन और मार्सेली के मुख्य अभियोजक निकोलस बेसोन के अनुसार, नौवीं कक्षा का छात्र एक बड़े बैग में बंदूक लेकर स्कूल परिसर में घुसा था, जो बाहर से गिटार केस जैसा दिख रहा था। उसने पहली और दूसरी मंजिल पर कक्षाओं तथा गलियारों में करीब चार राउंड फायरिंग की। गोली लगने से एक ब्लैकबोर्ड पर भी निशान आ गया।
गोलीबारी के दौरान स्कूल परिसर में भय का माहौल बन गया और अलार्म बजते ही बच्चे सुरक्षा के लिए बाहर की ओर भागने लगे। इसी दौरान एक चश्मदीद छात्रा सारा ने बताया कि हमलावर ने छात्रों को देखते ही चिल्लाकर कहा, मैं सिर्फ शिक्षकों के लिए आया हूं, बच्चों के लिए नहीं।
इससे पहले कि हमलावर छात्र किसी और को नुकसान पहुंचा पाता, स्कूल के ही एक कर्मचारी ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उसे मौके पर ही दबोच लिया और हथियार छीनकर निहत्था कर दिया। बाद में पहुंची पुलिस ने नाबालिग आरोपी को हिरासत में ले लिया। अस्पताल में भर्ती घायल प्रधानाध्यापक और शिक्षिका की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। क्षेत्रीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी छात्र का पूर्व में कोई आपराधिक या कट्टरपंथी इतिहास नहीं रहा है। पुलिस ने आरोपी के माता-पिता को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है कि आखिर एक नाबालिग के हाथ में घातक बंदूक कैसे पहुंची। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया पर स्कूल स्टाफ के धैर्य और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि उनके साहसिक कदम ने एक बहुत बड़े हादसे को होने से रोक लिया। वहीं फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज और शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे ने भी घटनास्थल का दौरा कर मामले की समीक्षा की।