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इंडियन एक्सप्रेस रिपोर्ट के धमाके का असर शीर्ष अदालत तक

ज्ञानेश कुमार और एसआईआर पर सुनवाई का फैसला

अगले सप्ताह इनकी सुनवाई होगी

चुनाव आयुक्तों के मतभेद की खबर

एकतरफा फैसले को दी गयी है चुनौती

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े फैसलों के खिलाफ दायर याचिका पर देश की सर्वोच्च अदालत ने सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण मामले को सुप्रीम कोर्ट ने आगामी सप्ताह में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। यह पूरा विवाद मुख्य रूप से चुनाव आयोग के भीतर वैधानिक प्रक्रियाओं, निर्णयों में आम सहमति की कमी और मतदाता सूचियों से नाम हटाने से जुड़े गंभीर आरोपों के इर्द-गिर्द घूमता है।

यह याचिका एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयोग के भीतर एसआईआर और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलावों से संबंधित फैसलों को लेकर आयोग के अन्य सदस्यों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच मतभेद रहे हैं।

याचिका में मुख्य रूप से यह सवाल उठाया गया है कि क्या मुख्य चुनाव आयुक्त अन्य चुनाव आयुक्तों की स्पष्ट सहमति या बहुलता के बिना एकतरफा निर्णय ले सकते हैं। इसके साथ ही, जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के कथित उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई और विशेष जांच दल (SIT) से पूरे मामले की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों से भारी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर भी याचिका में कड़ी आपत्ति जताई गई है। याचिकाकर्ताओं का अनुरोध है कि इस प्रक्रिया के तहत लिए गए तमाम विवादित फैसलों और निर्देशों को अमान्य घोषित किया जाए तथा मूल फॉर्म-6 व्यवस्था को बहाल किया जाए।

दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने अपने रुख में यह स्पष्ट किया है कि आयोग के सभी निर्णय विधिवत और स्थापित वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप ही लिए गए हैं। अब सबकी निगाहें सर्वोच्च अदालत की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस मामले में कानूनी और संवैधानिक पहलुओं पर विस्तृत बहस होने की उम्मीद है।