सुबह के एलान के बाद नेता प्रतिपक्ष ने मोर्चा संभाला
पार्टी पहले से ही वोट चोरी कहती आयी है
बार बार चुनाव आयोग मामलों को टालता रहा
अब तो असली सच भी सामने आने लगा है
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा बार-बार वोट चोरी का मुद्दा उठाने के बाद दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश्वर कुमार का विरोध करना शुरू कर दिया।
श्री गांधी ने वोट चोरी और सीआसी का समर्थन करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर साजिश का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले में उनकी जांच की जाएगी। उनकी यह प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत निर्वाचन आयोग के भीतर असहमति पर आई एक रिपोर्ट के बाद हुई है। अपने संबोधन में श्री गांधी ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने समझदारी भरा काम किया है और श्री कुमार को देशहित में गंभीरता से सोचते हुए सरकारी गवाह बन जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा बार-बार वोट चोरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद दोनों चुनाव आयुक्तों ने श्री कुमार का विरोध करना शुरू कर दिया था। श्री गांधी ने कहा, मैं पूरी निश्चितता के साथ कह सकता हूं कि भारतीय चुनाव, 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव, सभी में धांधली हुई थी।
फरवरी 2025 में श्री कुमार की नियुक्ति के दौरान उनके द्वारा दिए गए असहमति नोट को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने उस नोट को रद्द कर दिया था।
अपने भाषण की शुरुआत में, श्री गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के पुराने वीडियो चलाए जिसमें उन्होंने कहा था कि 2014 में जीतने के बाद भाजपा कम से कम 30 से 50 वर्षों तक सत्ता में बनी रहेगी। उन्होंने पीएम मोदी का एक वीडियो भी दिखाया जिसमें उन्होंने कहा था कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनावों में 400 सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा कि श्री मोदी और श्री शाह को छोड़कर हर नेता और पार्टी को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, यह हमारे लिए एक पहेली रही है। भारत की राजनीतिक ताकत कहां गायब हो गई है?
उन्होंने कहा, वोट से संविधान को शक्ति मिलती है; संविधान से हमारे कानून बनते हैं। और हमारे कानूनों से संस्थाएं उभरती हैं। यह एक श्रृंखला है और यह श्रृंखला आधुनिक भारत को परिभाषित करती है… यदि वोट को नष्ट कर दिया गया है तो हमारे संविधान को नष्ट कर दिया गया है; इसमें अब इसकी शक्ति नहीं है, यह अब काम नहीं करता है; यदि हमारा संविधान नष्ट हो गया है, तो हमारे कानून अवैध हैं। और यदि हमारे कानून अवैध हैं, तो हमारी संस्थाएं अर्थहीन हैं।
उन्होंने कहा कि चुराए गए वोट से चुने गए सांसदों द्वारा संसद में बनाए गए कोई भी कानून और संस्थागत बदलाव अवैध हैं। उन्होंने आगे कहा, यह केवल वोट पर हमला नहीं है। यह हर एक भारतीय के विचार, बुनियादी ढांचे और अभिव्यक्ति पर हमला है। हम बार-बार कह रहे हैं कि वोट के साथ समस्या है।