रोपवे से सफर का समय होगा बहुत कम
राष्ट्रीय खबर
सिलिगुड़ीः पश्चिम बंगाल सरकार ने पहाड़ों पर पर्यटकों को जाम की गंभीर समस्या से राहत दिलाने के लिए कर्सियांग से दार्जिलिंग तक एक नया रॉपवे शुरू करने की योजना बनाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने पर 32 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में केवल 45 मिनट का समय लगेगा, जबकि वर्तमान व्यस्त पर्यटन सीजन में सड़क मार्ग से इस रास्ते को पार करने में 4 से 5 घंटे तक का समय बर्बाद हो जाता है।
लगभग 3,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाली यह परियोजना पीपीपी मॉडल यानी बीओओटी (बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर) के आधार पर क्रियान्वित की जा सकती है, जिसके लिए जल्द ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) मंगाए जाने की संभावना है। इसकी शुरुआती फिजिबिलिटी स्टडी पूरी हो चुकी है और इसे तकनीकी व आर्थिक रूप से पूरी तरह व्यवहार्य पाया गया है।
कर्सियांग से दार्जिलिंग मार्ग पर मुख्य रूप से एनएच-110 यानी हिल कार्ट रोड ही एकमात्र विकल्प होने के कारण पीक सीजन में भारी वाहनों के दबाव से भयंकर जाम लग जाता है। पहाड़ी इलाके में नई सड़कों का निर्माण करना भौगोलिक रूप से बेहद कठिन है, इसलिए इस समस्या से निपटने के लिए रॉपवे को एक बेहतरीन विकल्प के तौर पर चुना गया है।
योजना के मुताबिक, पर्यटक सड़क मार्ग से कर्सियांग पहुंचकर वहां से सीधे केबल कार के जरिए दार्जिलिंग की यात्रा कर सकेंगे। इसके अलावा, इस रॉपवे के माध्यम से केवल यात्रियों का आना-जाना ही नहीं होगा, बल्कि दार्जिलिंग क्षेत्र में अनाज, सब्जियां और अन्य दैनिक उपयोग की जरूरी वस्तुएं भी भेजी जाएंगी, जिससे पहाड़ी सड़कों पर भारी मालवाहक ट्रकों का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
दार्जिलिंग-कर्सियांग परियोजना के अलावा राज्य सरकार की भविष्य में कर्सियांग से गंगटोक तक भी रॉपवे विकसित करने की योजना है। 10 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बार-बार भूस्खलन होने के कारण गंगटोक आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ऐसे में इस रॉपवे परियोजना को एक मजबूत और सुरक्षित वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।