केंद्र का नया प्रस्ताव खारिज कर दिया गया
विशेष योजना पर अड़े रहे लद्दाख के नेता
पूर्व के वादों को पूरा करे मोदी सरकार
ऐसे सुधारों से कोई बदलाव नहीं होगा
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार ने क्षेत्र के लिए अनुच्छेद 371 के तहत एक विशेष संवैधानिक प्रावधान का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत एक प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित केंद्र शासित प्रदेश-स्तरीय निकाय का गठन किया जाना है, जिसके पास विधायी, कार्यकारी और वित्तीय शक्तियां होंगी।
कुंद्रा ने बताया कि केंद्र ने रोजगार, भूमि, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के लिए संवैधानिक सुरक्षा उपायों की भी गारंटी देने का प्रस्ताव दिया है। इस संवैधानिक संशोधन विधेयक से क्षेत्र के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा या पूर्ण विधानसभा मिलने की संभावना तो खारिज होती है, लेकिन भूमि और संस्कृति के संरक्षण से जुड़ी चिंताएं दूर होती हैं।
हालांकि, यह घोषणा लद्दाख के नेतृत्व के बड़े वर्ग को संतुष्ट करने में विफल साबित हुई। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने चेतावनी दी है कि यदि केंद्र ने एक सप्ताह के भीतर लद्दाख की मांगों और छठी अनुसूची में शामिल करने पर आश्वासन नहीं दिया, तो 19 से 24 सितंबर तक नया आंदोलन शुरू किया जाएगा। वहीं, लद्दाख के नेताओं में भी इस प्रस्ताव को लेकर मतभेद नजर आए, जहाँ वरिष्ठ नेता थुपस्तान छेवांग ने बैठक को सकारात्मक और रचनात्मक बताया।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब दिल्ली में लद्दाख के नेताओं और गृह मंत्रालय की उप-समिति के बीच बैठक हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि बातचीत जारी है और अक्टूबर में एक और बैठक होगी, जिसमें संशोधन विधेयक का उन्नत मसौदा तैयार होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेताओं ने नई दिल्ली की बैठक के नतीजों पर निराशा जताई है, क्योंकि सरकार द्वारा लंबे समय से प्रतीक्षित मसौदा पेश नहीं किया गया।