अब नई पीढ़ी संभाले जिम्मेदारीः नितिन गडकरी
मैं अब अधिक काम नहीं कर पाता हूं
तीस वर्षों से सार्वजनिक काम कर रहा हूं
भाजपा की तरफ से इसकी सफाई आ गयी
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः नागपुर में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के द्वारा दिया गया बयान अब भाजपा के भीतर नई बहस को जन्म दे चुका है। उन्होंने कहा है कि वह अब उतना काम नहीं कर सकते जितना पहले किया करते थे और अब समय आ गया है कि जिम्मेदारियां नई पीढ़ी को सौंप दी जाएं। नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि उनकी भागीदारी अब कम हो गई है और काम की बागडोर नए लोगों के हाथों में होनी चाहिए।
हालांकि, राजनीतिक हलकों में उनके इस बयान के मायने निकाले जाने और अटकलें तेज होने के बाद, गडकरी के कार्यालय ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि उनके बयान को किसी राजनीतिक संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए।
अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, आजकल मैं उतना काम नहीं कर पाता। जब कर सकता था, तब मैंने किया। अब मेरी सक्रियता कम हुई है। काम नई पीढ़ी को सौंपा जाना चाहिए। नई पीढ़ी सामने आ चुकी है और पुरानी पीढ़ी उनका मार्गदर्शन कर रही है।
69 वर्षीय केंद्रीय मंत्री ने सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे अनुभव का जिक्र करते हुए कहा, मैं पिछले 30 वर्षों से लगातार सार्वजनिक जीवन में काम कर रहा हूं। मैंने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और कई सम्मान भी प्राप्त किए हैं। लेकिन अब मैं ज्यादा काम नहीं कर सकता, इसलिए नई पीढ़ी को काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
इसके साथ ही गडकरी ने आगामी विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में काम का दायरा और बढ़ेगा। उनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि महाराष्ट्र का कोई भी आदिवासी गांव बिना बिजली के न रहे और पूरे राज्य में विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे।
राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बयान को लेकर चर्चाएं शुरू होने पर गडकरी के कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मंत्री विशेष रूप से लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट के संदर्भ में बात कर रहे थे। यह उनके द्वारा स्थापित एक संस्था है, जो आदिवासी क्षेत्रों में एकल विद्यालय (एक शिक्षक वाले प्राथमिक विद्यालय) का संचालन करती है। केंद्रीय मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल हुआ है। 2015 के बाद से बड़े पैमाने पर हुआ यह ऐसा पहला सांगठनिक बदलाव है, जब अमित शाह पार्टी अध्यक्ष थे।
हाल ही में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन के नेतृत्व में अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की है। इस 65 सदस्यीय टीम में 51 नए चेहरों को शामिल किया गया है, जो संगठन के भीतर एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव का संकेत देता है। नई टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शामिल हैं, जिनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व संघ पदाधिकारी राम माधव प्रमुख हैं। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को पार्टी के आठ राष्ट्रीय महामंत्रियों में से एक नियुक्त किया गया है। संगठन में हुए इस व्यापक बदलाव के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में भी संभावित फेरबदल को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।