बराक में 27 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त, छह गिरफ्तार
सेनापति में 45 किलो संदिग्ध अफीम जब्त
सीमा के करीब ही गुप्त सूचना पर कार्रवाई
हिमंता ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ असम के मुद्दों पर चर्चा की
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : मणिपुर के मोरेह इलाके में सुरक्षा बलों ने भारत-म्यांमार सीमा पर एक संयुक्त अभियान के दौरान हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस विशेष ऑपरेशन के तहत जंगली इलाके की तलाशी ली गई, जिसमें ए15 राइफल, एमए जी3 राइफल, देसी पिस्तौल, सिंगल-बैरल बंदूकें, देसी राइफलें और .22 राइफल सहित कई आधुनिक हथियार बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा बलों ने 10 रेडियो सेट, पांच ड्रोन बम, पांच आईईडी, एक टियर गैस गन, टियर गैस के 17 राउंड, दो ग्रेनेड, दो बुलेटप्रूफ जैकेट और पांच जिंदा कारतूस भी सफलतापूर्वक जब्त किए। संवेदनशील सीमा क्षेत्र में हुई इस बड़ी बरामदगी को उग्रवाद विरोधी अभियानों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
इसी क्रम में, सेनापति जिला पुलिस ने एक अन्य तलाशी अभियान के दौरान 45 किलोग्राम संदिग्ध अफीम रखने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से अफीम के 46 पैकेट, एक महिंद्रा थार रॉक्स चार पहिया वाहन और 10,000 रुपये नकद भी जब्त किए। वहीं, बराक क्षेत्र में एक बड़े मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत असम राइफल्स, सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने लगभग 27 करोड़ रुपये मूल्य के संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किए। इस कार्रवाई में एक स्थानीय नाव से यात्रा कर रहे छह कथित तस्करों को रोका गया और उनके पास से लगभग 9.412 किलोग्राम संदिग्ध डब्ल्यूवाई टैबलेट और 177 ग्राम संदिग्ध हेरोइन जब्त की गई।
दूसरी ओर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की। वित्त मंत्री के साथ हुई बैठक में उन्होंने राज्य में हाल ही में आई भीषण बाढ़ की स्थिति, सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ हुई बैठक में शिक्षा, खाद्य और नागरिक आपूर्ति तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में असम की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। इन मुलाकातों का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास कार्यों को गति देना और बाढ़ के बाद बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त करना रहा है।