रांची (झारखंड): प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, धांधली और अनियमितताओं के आरोपों के बीच झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित 22 प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं को पूर्ण रूप से रद्द कर दिया है। इसके साथ ही वर्ष 2010 से 2022 के बीच आयोजित 23 अन्य संवेदनशील परीक्षाओं की विस्तृत जांच अपराध अनुसंधान विभाग (CID) को सौंप दी गई है। सरकार के इस अप्रत्याशित निर्णय के बाद जहां पिछले 26 दिनों से आंदोलनरत छात्रों ने अपना धरना दो महीने के लिए स्थगित कर दिया है, वहीं सेवा में पदस्थापित 2,394 नव-नियुक्त अधिकारी व कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं और उन्होंने न्याय के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
⚖️ 26 दिनों से जारी छात्रों का आंदोलन स्थगित, नव-नियुक्त अफसर पहुंचे हाईकोर्ट
सरकारी फैसले के बाद राजधानी रांची में दो अलग-अलग परिदृश्य सामने आए हैं:
-
छात्रों का धरना स्थगित: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने 22 परीक्षाएं रद्द होने, 23 की सीआईडी जांच शुरू होने और आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में ‘परीक्षा सुधार कमेटी’ गठित होने के बाद धरना दो महीने के लिए टाल दिया है।
-
सचिवालय के बाहर प्रदर्शन: विभिन्न विभागों में पिछले कई महीनों से अपनी सेवाएं दे रहे नवनियुक्त अधिकारियों को जब सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) में प्रवेश नहीं करने दिया गया, तो उन्होंने मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और इस एकतरफा फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कीं।
👥 JSSC-CGL के 1,932 कर्मियों सहित 2,394 पदों पर पड़ा सीधा असर
रद्द की गई 22 परीक्षाओं में से 4 ऐसी परीक्षाएं थीं जिनकी चयन प्रक्रिया पूरी होकर अभ्यर्थी विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत थे:
-
JSSC-CGL के तहत बहाल 1,932 पद: सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (ASO) – 847 पद, कनीय सचिवालय सहायक (JSA) – 293 पद, प्रखंड आपूर्ति अधिकारी (BSO) – 249 पद, प्रखंड कल्याण अधिकारी (BWO) – 191 पद, अंचल निरीक्षक/कानूनगो (CI) – 178 पद, श्रम प्रवर्तन अधिकारी (LEO) – 170 पद।
-
JPSC व अन्य संवर्ग से बहाल अधिकारी: 11वीं-13वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा के 342 अधिकारी (जिनमें 200 से अधिक डिप्टी कलेक्टर शामिल हैं), बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) – 64 पद, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (FSO) – 54 पद और अन्य संवर्गों के 300 से अधिक पद।
📋 रद्दीकरण की जद में आईं 22 प्रतियोगी परीक्षाओं का विस्तृत ब्योरा
सरकार ने मुख्य रूप से उन परीक्षाओं को रद्द किया है, जिनके संचालन में आउटसोर्स एजेंसी (TDPL) की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी:
| परीक्षा का नाम | विज्ञापन संख्या | पदों की संख्या |
| संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (JSSC-CGL) | वि. सं. 10/2023 | 1,932 |
| संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2023 (11वीं-13वीं JPSC) | वि. सं. 01/2024 | 342 |
| पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (नियमित) | वि. सं. 04/2026 | 349 |
| वन क्षेत्र पदाधिकारी भर्ती (FRO) | वि. सं. 04/2024 | 170 |
| सिविल जज (जूनियर डिवीजन) | वि. सं. 22/2023 | 138 |
| सहायक लोक अभियोजक भर्ती (APP – नियमित) | वि. सं. 06/2025 | 134 |
| झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा-2025 | वि. सं. 01/2026 | 103 |
| मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर | वि. सं. 07/2026 | 90 |
| सहायक वन संरक्षक भर्ती (ACF) | वि. सं. 03/2024 | 78 |
| बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) | वि. सं. 21/2023 | 62 |
| खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी (Food Safety Officer) | वि. सं. 18/2023 | 54 |
| झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बैकलॉग-2025 | वि. सं. 05/2026 | 45 |
| छठी सीमित उप समाहर्ता भर्ती परीक्षा | वि. सं. 11/2018 | 28 |
| सहायक लोक अभियोजक भर्ती (APP – बैकलॉग) | वि. सं. 05/2025 | 26 |
| विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती | वि. सं. 09/2025 | 23 |
| इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर (बैकलॉग) | वि. सं. 02/2026 | 11 |
| सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (बैकलॉग) | वि. सं. 10/2025 | 8 |
| सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (नियमित) | वि. सं. 11/2025 | 7 |
| झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, बैकलॉग-2023 | वि. सं. 06/2026 | 7 |
| पॉलिटेक्निक/महिला पॉलिटेक्निक में लेक्चरर (बैकलॉग) | वि. सं. 03/2026 | 6 |
| ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती | — | — |
| झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 (JET) | वि. सं. 08/2025 | — |
🔍 पुरानी 23 परीक्षाओं की CID जांच: 2,044 सेवारत कर्मियों पर लटकी तलवार
सरकार ने 2010 से 2022 के दौरान संपन्न हुई 23 अन्य परीक्षाओं की जांच सीआईडी को सौंप दी है:
-
जांच के दायरे में प्रमुख परीक्षाएं: 5वीं सिविल सेवा (वि. सं. 06/2013), 6ठी JPSC (वि. सं. 23/2016), 7वीं-10वीं JPSC (वि. सं. 01/2021), संयुक्त सहायक अभियंता भर्ती (वि. सं. 05/2019), सिविल जज जूनियर डिवीजन (2015 एवं 2018), सहायक लोक अभियोजक भर्ती (2018), मृदा संरक्षण पदाधिकारी और दंत चिकित्सक भर्ती आदि।
-
प्रभावित संख्या: इन परीक्षाओं के माध्यम से नियुक्त 2,044 अधिकारी वर्तमान में विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं, जिनकी नौकरी पर जांच के निष्कर्षों का सीधा प्रभाव पड़ेगा।
🏛️ सचिवालय से लेकर थानों तक प्रशासनिक संकट, फाइल मूवमेंट ठप
एक साथ 2,394 अधिकारियों की सेवाएं रुकने से राज्य का प्रशासनिक ढांचा प्रभावित हुआ है:
-
फाइल मूवमेंट रुका: प्रोजेक्ट भवन सचिवालय में 854 सहायक प्रशाखा पदाधिकारियों (ASO) के हटने से विभागों में फाइलों का संचलन प्रभावित हो गया है और सेक्शन ऑफिसरों पर अतिरिक्त बोझ आ गया है।
-
डिप्टी कलेक्टरों की भारी कमी: राज्य प्रशासनिक सेवा में 207 नए डिप्टी कलेक्टरों की सेवाएं रुकने से अंचल और प्रखंड स्तर पर 450 से ज्यादा पद रिक्त हो गए हैं।
-
कानून-व्यवस्था पर असर: राज्य पुलिस सेवा में डीएसपी रैंक के 35 नए अधिकारियों की सेवा समाप्त होने से लगभग 70 पद रिक्त हो जाएंगे, जिससे जिलों की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा आंगनबाड़ी व खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्य भी लटक गए हैं।
👨⚖️ हाईकोर्ट में चुनौती और अमिताभ कौशल सुधार कमेटी का गठन
मामले में विधिक और नीतिगत दोनों स्तरों पर हलचल तेज है:
-
प्राकृतिक न्याय की दलील: हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का तर्क है कि बिना व्यक्तिगत दोष सिद्ध किए पूरी चयन सूची रद्द करना संविधान और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है; जांच केवल दोषियों तक सीमित होनी चाहिए।
-
परीक्षा सुधार कमेटी: परीक्षाओं में शुचिता सुनिश्चित करने हेतु आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय सुधार कमेटी गठित की गई है, जो दो महीने में अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपकर पारदर्शी परीक्षा नियमावली का प्रारूप तैयार करेगी।