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मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बदहाल सड़कें, बारिश में दलदल पार कर स्कूल जा रहे मासूम

बालाघाट/उमरिया (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के कई ग्रामीण अंचलों में बुनियादी विकास योजनाएं आज भी दम तोड़ती नजर आ रही हैं। बालाघाट जिले के वारासिवनी और उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र से सड़क बदहाली की ऐसी ही चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं।

मानसून के मौसम में सड़कों की जर्जर हालत के कारण स्कूली बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो गया है। छात्र-छात्राएं रोज घुटनों तक कीचड़ से सने रास्तों से होकर जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को विवश हैं।

🛣️ बालाघाट के सैयाटोला से मेंढकी मार्ग दलदल में तब्दील, दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा

वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत झाड़गांव अंतर्गत ग्राम सैयाटोला से मेंढकी तक का संपर्क मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है:

  • आवागमन बुरी तरह प्रभावित: बारिश के पानी से पूरी सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है।

  • बच्चों की पढ़ाई बाधित: सड़क की खराब स्थिति के कारण छोटे बच्चे स्कूल जाने से कतरा रहे हैं और आए दिन फिसलकर चोटिल होने का डर बना रहता है।

  • सालों से उपेक्षा: ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इस मार्ग के पक्कीकरण की मांग अधिकारियों से कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

🏛️ ‘बजट नहीं मिला तो विधायक निधि से बनवाऊंगा रोड’ — विधायक विक्की विवेक पटेल

समस्या की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक विक्की विवेक पटेल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया:

  • ग्रामीणों को आश्वासन: विधायक ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया कि वे जल्द ही लोक निर्माण एवं ग्रामीण विकास मंत्री से मिलकर इस सड़क के लिए बजट आवंटन की मांग करेंगे।

  • विधायक निधि से निर्माण का वादा: उन्होंने कहा कि यदि शासन स्तर से बजट नहीं मिला, तो वे अपनी विधायक निधि से इस मार्ग को पक्का कराएंगे।

  • सरकार पर निशाना: उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के विकास के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं और कीचड़ से पटे गड्ढे प्रशासनिक दावों की असलियत बयान कर रहे हैं।

🚶‍♂️ उमरिया के कोडार में कीचड़ से भरा रास्ता, 3-4 गांवों का संपर्क टूटा

उमरिया जिले के मानपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोडार में भी ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का बुरा हाल है:

  • रोजाना की मशक्कत: छात्राओं को प्रतिदिन घुटनों तक भरे कीचड़ से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है।

  • स्वास्थ्य सेवाओं पर असर: स्थानीय ग्रामीण रामू बैगा ने बताया कि रास्ता इतना खराब है कि गांव तक कोई एंबुलेंस या चारपहिया वाहन नहीं पहुंच पाता। प्रसूताओं और गंभीर मरीजों को खाट पर उठाकर ले जाना पड़ता है।

  • शिकायतों की अनदेखी: ग्रामीणों ने बताया कि विधायक से लेकर कलेक्टर तक कई बार ज्ञापन सौंपे गए, परंतु अब तक कोई स्थायी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।

📜 41 साल पहले 1985 में तत्कालीन PM राजीव गांधी पहुंचे थे कोडार, अब भी पक्की सड़क का इंतजार

कोडार गांव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर स्थानीय ग्रामीण सोहन बैगा ने पुरानी यादें साझा कीं:

  • राजीव गांधी का दौरा: 14 जुलाई 1985 को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी आदिवासियों का हाल जानने पैदल चलकर कोडार गांव के घरों तक पहुंचे थे।

  • कच्ची सड़क बनी आफत: उस दौरे के बाद गांव में बिजली और कच्ची मिट्टी की सड़क बनी थी, लेकिन चार दशक बीत जाने के बाद भी यह कच्चा मार्ग पक्की डामर सड़क में नहीं बदल सका।

🛠️ बारिश में अस्थाई मरम्मत और बाद में बनेगी पक्की सड़क — एसडीएम मानपुर

प्रशासनिक स्तर पर मामले का संज्ञान लेते हुए मानपुर एसडीएम हरनीत कौर ने राहत भरे कदमों की जानकारी दी:

  • समीक्षा बैठक: कलेक्टर द्वारा जिले की ऐसी सभी प्रभावित सड़कों को चिन्हित करने के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई है।

  • अस्थाई मरम्मत के निर्देश: बारिश के दौरान आवागमन सुचारू रखने के लिए मार्ग पर मुरम और गिट्टी डालकर फौरी तौर पर अस्थाई मरम्मत कराई जा रही है।

  • स्थायी सड़क की योजना: एसडीएम ने स्पष्ट किया कि बारिश का मौसम समाप्त होते ही संबंधित कार्य एजेंसी के माध्यम से पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।