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देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा: NHM निदेशक आराधना पटनायक ने किया मोहनपुर CHC का निरीक्षण, संस्थागत प्रसव शुरू करने के निर्देश

देवघर (झारखंड): संथाल परगना प्रमंडल में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुलभ, आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की अभियान निदेशक आराधना पटनायक ने रविवार को देवघर जिले का दौरा किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) प्रमाणित जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जमुनिया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में शीघ्र संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) की पूर्ण सुविधा शुरू करने के कड़े निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित प्रसव सुविधा मिल सके।

📢 ग्रामीणों तक सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के निर्देश

अभियान निदेशक ने मौके पर उपस्थित स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मिलने वाली सभी निःशुल्क जांच, दवाओं और उपचार सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी जरूरतमंदों तक पहुंचेगा जब अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को इसकी सही जानकारी होगी। इसके लिए उन्होंने सहिया, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को ग्रामीण व टोला स्तर पर जाकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

✅ मोहनपुर CHC की व्यवस्थाओं पर जताई संतुष्टि, NQAS मानकों की सराहना

मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र NQAS सर्टिफाइड होने के कारण उच्च मानकों पर संचालित हो रहा है।

अभियान निदेशक ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ओपीडी, लेबर रूम, वार्ड और पैथोलॉजी लैब की व्यवस्थाओं को देखकर संतोष व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने जिले के अन्य प्रखंडों में संचालित प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी बिंदुवार समीक्षा की।

🗺️ संथाल परगना के 6 जिलों में स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने की कार्ययोजना

निरीक्षण के दौरान अभियान निदेशक ने संथाल परगना के अंतर्गत आने वाले पाकुड़, साहिबगंज, गोड्डा, दुमका और जामताड़ा जिलों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और संसाधनों की भी विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आदिवासी बाहुल्य एवं दुर्गम ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाए तथा केंद्रों में मौजूद मानव संसाधन और तकनीकी कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाए।

🛕 श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्था की समीक्षा

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले के मद्देनजर देवघर में राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा कांवरियों व श्रद्धालुओं के लिए की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की भी उन्होंने समीक्षा की।

मेला क्षेत्र, कांवड़िया पथ और अस्थाई स्वास्थ्य शिविरों में तैनात मेडिकल टीमों, आवश्यक दवाओं के स्टॉक और एंबुलेंस सेवाओं की उपलब्धता को लेकर उन्होंने स्वास्थ्य पदाधिकारियों से चर्चा की तथा 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।

🏛️ देवघर सदर अस्पताल को आधुनिक बनाने और रीजनल हेल्थ हब के रूप में विकसित करने पर बल

अभियान निदेशक ने रेखांकित किया कि देवघर पूरे संथाल परगना का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र है, जहां केवल स्थानीय ही नहीं बल्कि आसपास के 5 से 6 जिलों के मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं।

उन्होंने देवघर एम्स के साथ-साथ राज्य सरकार के स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई। सदर अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा उपकरण लगाने और मौजूदा व्यवस्थाओं को और अधिक उन्नत बनाने के लिए उन्होंने स्वास्थ्य पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।