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सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को विदेश जाने की अनुमति दी

कोलकाता उच्च न्यायालय के इंकार के बाद राहत मिली

राज्य सरकार ने इसका विरोध किया

ईलाज पर जाने का विरोध क्यों जरूरी

मामले भी वैसे नहीं जिन्हें गंभीर माने

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत ने तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को एक बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को अपनी आंखों की सर्जरी कराने के लिए विदेश यात्रा पर जाने की अनुमति दे दी। इस फैसले के दौरान, अदालत ने उनकी विदेश यात्रा का पुरजोर विरोध करने वाले पक्ष को कड़ी फटकार भी लगाई। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण अवलोकन में स्पष्ट किया कि देश के बाहर यात्रा करना और अपनी पसंद के अनुसार बेहतर चिकित्सा व उपचार प्राप्त करना प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, जिससे उसे अनुचित रूप से वंचित नहीं किया जा सकता।

इस संवेदनशील मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ द्वारा की गई। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि अभिषेक बनर्जी को उनके इलाज के लिए तीन सप्ताह तक विदेश जाने देने में अदालत को कोई गंभीर बाधा या अड़चन नजर नहीं आती है। हालांकि, जांच प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए अदालत ने यह यात्रा कुछ विशिष्ट शर्तों के अधीन मंजूर की है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच एजेंसी के समक्ष उनकी समयबद्ध उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके।

सुनवाई के दौरान अदालत ने किसी भी व्यक्ति की चिकित्सा स्थिति से जुड़े निजता के अधिकार पर भी विशेष जोर दिया। पीठ ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक से यह उम्मीद नहीं की जानी चाहिए कि वह अपने गोपनीय स्वास्थ्य रिकॉर्ड और बीमारियों के विवरण को सार्वजनिक पटल पर साझा करे। अदालत ने कहा,

इससे पूर्व, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने इस याचिका का कड़ा विरोध करते हुए अपनी दलीलें पेश कीं। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने इन दलीलों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और उस मामले में आरोपों की प्रकृति पर ही सवाल खड़े कर दिए, जिसके तहत उनकी विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था।