Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कांकेर में तबाही का एनीकट! महानदी का पानी घुसने से 200 एकड़ खेत डूबे, 10 साल से परेशान बागोड़ के किस... जांजगीर में कान की बाली खोजने बच्चों पर कराया तंत्र-मंत्र: शिक्षिका गीता कुंभकार निलंबित, कलेक्टर के... कबीरधाम जिले में दिल दहला देने वाली घटना, 8वीं कक्षा की 14 वर्षीया छात्रा ने उठाया खौफनाक कदम बलौदाबाजार में 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान का आगाज: राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने युवाओं को... खैरागढ़ में सड़क, बिजली और खाद संकट पर फूटा कांग्रेस का गुस्सा: 40 ट्रैक्टरों के साथ चक्काजाम, 2 घंट... बिलासपुर-रतनपुर नेशनल हाईवे पर टला बड़ा हादसा: पुलिया धंसने से पुल पर फंसी 20 यात्रियों से भरी बस, र... छत्तीसगढ़ में 'तारीख पर तारीख' बनेगी इतिहास: 3 साल में आएंगे आपराधिक मामलों के फैसले, रायपुर में 'डि... जशपुर में सनसनीखेज हत्याकांड का 48 घंटे में खुलासा: प्रेम संबंध और जमीन विवाद में महिला की हत्या, रे... जशपुर पुलिस की दोहरी बड़ी सफलता: 311 किलो गांजा तस्करी का फरार आरोपी MP से गिरफ्तार, 24 घंटे में सुल... धमतरी में सावन सोमवार की तैयारियों के बीच बड़ा हादसा, शिव मंदिर में करंट लगने से 20 वर्षीय युवक की म...

किश्तवाड़ में फिर से बादल फटने से तबाही

जम्मू कश्मीर में मौसम का कहर रूकने का नाम नहीं ले रहा

जानहानि की कोई खबर नहीं

आपदा राहत अभियान जारी है

कई रास्ते पूरी तरह धुल गये है

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छत्रू क्षेत्र में शनिवार तड़के बादल फटने की घटना ने क्षेत्र में तबाही मचाई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पुष्टि की है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह है कि फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि उन्होंने किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात कर स्थिति का जायजा लिया है। सरकार ने प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। जितेंद्र सिंह ने स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए बताया कि पिछले साल हुई आपदाओं से सबक लेते हुए केंद्र सरकार ने क्षेत्र में आपदा प्रबंधन को मजबूत किया है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मचैल में दो अत्याधुनिक अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए हैं, जबकि पाडर क्षेत्र में एक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाने की प्रक्रिया जारी है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर का अन्य क्षेत्र भी हालिया भारी बारिश की मार झेल रहा है। इससे पहले 19 जुलाई को राजौरी में बादल फटने और भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। इस आपदा में राजौरी और पुंछ को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण थन्नामंडी-डीकेजी-बुफलियाज सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया। इस सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारण पिछले 13 दिनों से यातायात पूरी तरह से ठप है और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों, जैसे बिम्बर गली रूट से होकर गुजरना पड़ रहा है।

पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने की बार-बार होती घटनाएं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। हालांकि, सरकारी स्तर पर चेतावनी प्रणालियों और आधारभूत संरचना को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहाड़ी रास्तों पर यातायात की बहाली और आम जनजीवन को सामान्य बनाना एक कठिन कार्य साबित हो रहा है। प्रशासन वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन और मलबा हटाने के काम में जुटा हुआ है।