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बाघ के हमले में वृद्ध चरवाहे की दर्दनाक मौत

महाराष्ट्र के चंद्रपुर में फिर से आदमखोर बाघ का आतंक

शनिवार की दोपहर को हुआ हमला

समदा जंगल के बीच हुआ हादसा

बाघ की तलाश का काम जारी है

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से एक दुखद और भयावह घटना सामने आई है, जहाँ सावली वन क्षेत्र में एक हिंसक बाघ के हमले ने 75 वर्षीय एक बुजुर्ग चरवाहे की जान ले ली है। वन विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार दोपहर को घटित हुई, जिसने आसपास के गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मृतक की पहचान हीरामन मारकंडी सखारे के रूप में की गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हीरामन अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार सावली वन रेंज के अंतर्गत आने वाले समदा जंगल के कंपार्टमेंट नंबर 1501 में अपने मवेशियों को चराने के लिए ले गए थे। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और अक्सर वन्यजीवों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। चरवाहा अपनी मवेशियों के साथ जंगल के भीतर कुछ दूरी पर ही थे कि अचानक घात लगाए बैठे एक बाघ ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र और अचानक था कि वृद्ध चरवाहे को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का मुआयना करने पर सखारे का शव बेहद क्षत-विक्षत अवस्था में मिला, जिस पर बाघ के हमले के गंभीर निशान स्पष्ट रूप से देखे जा सकते थे। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेज दिया है। इस घटना के बाद से सावली वन क्षेत्र से सटे गांवों के निवासियों में काफी रोष और डर है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बाघों की बढ़ती सक्रियता के चलते जंगल में जाना जान जोखिम में डालने के समान हो गया है। वन विभाग ने स्थानीय लोगों को चेतावनी जारी करते हुए जंगल के उस हिस्से में न जाने की सलाह दी है। साथ ही, वन अधिकारियों ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने और उस इलाके में बाघ की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने का आश्वासन दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके।