मैसूर के स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर में बोले पीएम
देश की भावी पीढ़ी पर भी ज्यादा बोले
युवाओं का कौशल हर तरफ दिख रहा है
हम शहर नहीं गांवों तक पहुंच रहे हैं
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः मैसूरु में स्वामी विवेकानंद कल्चरल यूथ सेंटर, जिसे विवेक स्मारक के रूप में जाना जाता है, के भव्य उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के भविष्य के कर्णधारों—देश के युवाओं—की भूमिका पर विशेष जोर दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आज भारत जिस गति से वैश्विक पटल पर नवाचार और तकनीकी विकास का पर्याय बनता जा रहा है, उसका सारा श्रेय हमारे ऊर्जावान युवाओं को जाता है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भारत का बढ़ता दबदबा युवा प्रतिभाओं की ही देन है।
प्रधानमंत्री ने विस्तार से बताया कि युवाओं की उद्यमशीलता और दूरदर्शिता के कारण ही भारत अब वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। यह विकास केवल स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के हर आयाम में युवाओं का कौशल स्पष्ट झलकता है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और मुद्रा योजना जैसी सरकार की दूरदर्शी पहलें आज युवाओं के लिए ऐसे मंच बन चुकी हैं जहाँ वे न केवल अपने सपनों को साकार कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों पर प्रकाश डालते हुए श्री मोदी ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में देश ने एक व्यापक बदलाव देखा है। इस अवधि में 650 से अधिक विश्वविद्यालयों की स्थापना, आईआईटी और एम्स के नेटवर्क का विस्तार, तथा एमबीबीएस सीटों में अभूतपूर्व वृद्धि, नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लागू करके शिक्षा को 21वीं सदी की आधुनिक जरूरतों के अनुरूप ढाला जा रहा है। साथ ही, 14,000 से अधिक पीएम श्री स्कूल और 10,000 से ज्यादा अटल टिंकरिंग लैब छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने खेल जगत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेलो इंडिया जैसी पहलों से छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाएँ निखरकर बाहर आ रही हैं।
अंत में, उन्होंने रामकृष्ण मिशन के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने मैसूरु को सांस्कृतिक चेतना का केंद्र बताते हुए कहा कि यह शहर स्वामी विवेकानंद की महान विरासत को संजोए हुए है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह विवेक स्मारक युवा पीढ़ी को चरित्र निर्माण, राष्ट्र सेवा और आध्यात्मिक चेतना के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर कारीगरों का समर्थन करें और स्वच्छ भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत बनाएं।