नाइजीरिया की अदालत ने मामले पर फैसला सुनाया
अबूजाः नाइजीरिया की एक अदालत ने स्कूली बच्चों का अपहरण करने और उनसे फिरौती वसूलने के गंभीर अपराध में दोषी पाए गए तीन पुरुषों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला नाइजीरिया में लगातार बढ़ रही अपहरण की घटनाओं पर रोक लगाने और अपराधियों में कड़ा संदेश देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों से सशस्त्र गिरोहों द्वारा स्कूलों पर हमले करके मासूम छात्रों को बंधक बनाने की वारदातें आम हो गई थीं।
अदालत के समक्ष पेश की गई चार्जशीट के अनुसार, तीनों अभियुक्तों ने संगठित हथियारबंद गिरोह के साथ मिलकर एक आवासीय स्कूल पर हमला बोला था। भारी हथियारों से लैस अपराधियों ने देर रात स्कूल में घुसकर सुरक्षा गार्डों को काबू किया और दर्जनों मासूम बच्चों को बंदूक की नोक पर जंगल की ओर अगवा कर ले गए थे। महीनों तक बच्चों को अमानवीय परिस्थितियों में बंधक बनाकर रखा गया और उनके परिजनों तथा स्थानीय प्रशासन से भारी फिरौती की मांग की गई थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त डिजिटल सबूत, गवाहों के बयान और फिरौती की रकम की लेन-देन के पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत किए। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि मासूम बच्चों का अपहरण करना और उनकी मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना न केवल जघन्य अपराध है, बल्कि यह पूरे समाज और भावी पीढ़ी की शिक्षा पर बहुत बड़ा हमला है। अदालत ने तीनों मुख्य दोषियों को आजीवन कारावास की सख्त सजा सुनाई।
नाइजीरिया में बड़े पैमाने पर होने वाले स्कूली अपहरणों ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी थी, जिसके चलते कई अभिभावकों ने डर के मारे अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। इस सख्त अदालती फैसले का मानवाधिकार संगठनों और नागरिक समाज ने स्वागत किया है। सरकार का दावा है कि दोषियों को सजा मिलने से अपहरणकर्ता गिरोहों के हौसले पस्त होंगे और देश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।