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भारत में पुख्ता परीक्षा प्रणाली लाएंगेः मोदी

दिल्ली में जबर्दस्त प्रदर्शन और बवाल के बाद मोदी का बयान

  • एनडीए सांसदों के बीच यह बात कही

  • किरेण रिजिजू ने इसकी जानकारी दी

  • सीजेपी आंदोलन के बीच पहला बयान

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश में एक पुख्ता और पारदर्शी सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली स्थापित करने का आह्वान किया। यह बयान प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ संसद की ओर मार्च कर रहे कॉकरोच आंदोलन से जुड़े युवाओं और पुलिस के बीच हुई झड़प के ठीक एक दिन बाद आया है।

कैबिनेट मंत्री द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मई में मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के बाद से इस विषय पर प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली टिप्पणी है। इस मुद्दे को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है, जो प्रधानमंत्री के तीसरे कार्यकाल के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षाओं में गड़बड़ी की खबरें मिलते ही सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, जिसके तहत 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। रिजिजू ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि पुनः परीक्षा (री-एग्जाम) सफलतापूर्वक आयोजित की गई और उसके परिणामों की घोषणा में भी कोई देरी नहीं हुई।

रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं का भविष्य खतरे में न पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए। सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं, दोषियों को सजा मिले और एक पूरी तरह से पुख्ता परीक्षा प्रणाली तैयार की जाए।

प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सीजेपी आंदोलन ने घोषणा की है कि वे अपना सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी रखेंगे, लेकिन अब वे संसद की तरफ मार्च नहीं करेंगे। उन्हें डर है कि उनके समर्थकों पर पुलिस द्वारा दोबारा लाठीचार्ज किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों से आए हजारों प्रदर्शनकारी संसद मार्च के लिए एकत्र हुए थे। यह आंदोलन, जिसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर एक ऑनलाइन व्यंग्य के रूप में हुई थी, अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।