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विधायकों की करोड़ों के ऑफर दिये गयेः उमर अब्दुल्ला

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने भाजपा पर नया बम फोड़ा

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग तेज करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हजरतबल के नसीम बाग में पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों को तोड़ने और दलबदल कराने की कोशिश कर रही है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंच से दावा किया कि भाजपा के पदाधिकारी नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों से संपर्क साध रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, ने जम्मू क्षेत्र से नेकां के एक विधायक को पाला बदलने के बदले 20 से 30 करोड़ रुपये, मंत्री पद और यहां तक कि राज्य का दर्जा बहाल कराने का लालच दिया है। उमर ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि ऐसी कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी और भाजपा को किसी भी कीमत पर पिछले दरवाजे से प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनकी सरकार के धैर्य को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने मांग की कि केंद्र यह स्पष्ट करे कि राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए उचित समय से उसका क्या मतलब है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, यदि आपका उचित समय तब आएगा जब जम्मू-कश्मीर में भाजपा की सरकार बनेगी, तो संसद में खड़े होकर ऐसा कहने का साहस दिखाइए।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने केंद्र के इस वादे पर अपना राजनीतिक भविष्य दांव पर लगाया था कि परिसीमन और विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद राज्य का दर्जा वापस दे दिया जाएगा। लेकिन दोनों प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद वादा नहीं निभाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के विधानसभा चुनाव में नेकां के नेतृत्व वाली सरकार को चुनकर यहां की जनता ने जो फैसला दिया, केंद्र सरकार उसकी सजा जनता को दे रही है।

राज्य का दर्जा बहाल कराने के लिए मुख्यमंत्री ने एक संयुक्त राजनीतिक मोर्चे का आह्वान किया है। उन्होंने गुलाम नबी आजाद और अल्ताफ बुखारी सहित सभी दलों के नेताओं को 20 जुलाई को नई दिल्ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर होने वाला प्रदर्शन इस बड़े आंदोलन की महज एक शुरुआत होगा और उसी दिन जम्मू-कश्मीर के सभी जिला मुख्यालयों पर भी प्रदर्शन किए जाएंगे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 महामारी के बाद नई दिल्ली में हुई एक बैठक के दौरान क्षेत्रीय नेताओं को आश्वासन दिया था कि दिल्ली और कश्मीर के बीच की दूरी को मिटा दिया जाएगा। फारूक अब्दुल्ला ने सवाल किया, क्या आज तक ऐसा हुआ? उन्होंने केवल इस दूरी को और बढ़ाया है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल की उपस्थिति में पीएम मोदी से कहा था कि सबसे बड़ी चुनौती नई दिल्ली और जम्मू-कश्मीर की जनता के बीच विश्वास की भारी कमी है।