विश्व हिंदू परिषद ने अब राम मंदिर मामले में तेवर ढीले किये
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक साक्षात्कार में स्पष्ट किया है कि अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी के मामले के लिए विहिप जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन अपने अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय पर कोई भी कार्रवाई करने के लिए चल रही जांच के नतीजों का इंतजार करेगा। बता दें कि मामले में एसआईटी जांच शुरू होने के बाद चंपत राय ने मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था।
आलोक कुमार ने कहा, जो कुछ भी हुआ है वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसने दुनिया भर के हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इसमें किसी भी तरह का बहाना ढूंढने या आरोपियों का बचाव करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। हम सभी इस बात पर अडिग हैं कि पुलिस और एसआईटी इसकी हर कोण से गहन जांच करे। इसमें शामिल कोई भी व्यक्ति हो, जिसके खिलाफ भी आरोप हैं, उन सब पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
विहिप की भूमिका पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा, हम इसके लिए जवाबदेह नहीं हैं। जिस दिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था, मैंने उसी दिन साफ कर दिया था कि विहिप का काम खत्म हो चुका है। मंदिर का निर्माण और उसका संचालन करना हमारा काम नहीं है। चूंकि चंपत राय विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, इसलिए नैतिक आधार पर विहिप की ओर से कुछ कार्रवाई करना उचित होगा।
उन्होंने आगे कहा, हमने उन्हें इस पद (ट्रस्ट के महासचिव) के लिए नामित नहीं किया था। वे वहां विहिप का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे। जो कुछ भी हुआ है वह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन इसके जरिए विहिप, आरएसएस और प्रधानमंत्री कार्यालय को घेरने की कोशिशें अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की जा रही हैं।
विहिप अध्यक्ष के तौर पर अपने कदमों का जिक्र करते हुए आलोक कुमार ने कहा, मैंने चार बिंदुओं का एक बयान जारी किया था: तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले की त्वरित जांच हो, फास्ट-ट्रैक कोर्ट में रोजाना सुनवाई हो और दोषियों को चार से पांच महीनों के भीतर सजा मिले। कुछ लोग चाहते हैं कि मैं जांच का नतीजा आए बिना ही आज उन्हें (राय को) बर्खास्त कर दूं, लेकिन अभी तक किसी ने राय पर सीधे आरोप नहीं लगाया है। आरोप उनके ड्राइवर पर लगे हैं।