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गंगटोक आतंकी मामले में डिजिटल लिंक की जांच

युवक की गिरफ्तारी से मिली जानकारी के बाद पुलिस सतर्क

राष्ट्रीय खबर

सिलिगुड़ीः सिक्किम के गंगटोक से पाकिस्तान से जुड़े राज्य के पहले आतंकी मॉड्यूल मामले में 19 वर्षीय युवक की गिरफ्तारी के बाद, सिक्किम पुलिस अब संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इसी डिजिटल माध्यम ने आरोपी के कथित कट्टरपंथीकरण और आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया होगा।

आरोपी की पहचान 19 वर्षीय मोहम्मद आरजू के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर गंगटोक के एमजी मार्ग पर एक पान की दुकान चलाता था। उसे आतंकी संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस संबंध में सदर थाने में भारतीय न्याय संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

राज्य पुलिस ने मंगलवार को एक बयान में बताया कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के समन्वय में राज्य विशेष शाखा को मिले समयबद्ध खुफिया इनपुट के आधार पर इस मामले का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस के अनुसार, जांच अब मुख्य रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरोपी के कथित ऑनलाइन सेल्फ-रेडिकलाइजेशन (खुद कट्टरपंथी बनने) के इर्द-गिर्द घूम रही है। सबूतों से संकेत मिलता है कि आरोपी लगातार चरमपंथी दुष्प्रचार से जुड़ी सामग्री देख रहा था और उसने ऐसी सामग्री को ऑनलाइन प्रसारित करने के प्रयास भी किए थे। बयान में आगे कहा गया कि पुलिस संभावित अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि राज्य में किसी संगठित आतंकवादी मॉड्यूल या स्थानीय चरमपंथी नेटवर्क के सक्रिय होने का अब तक कोई सबूत नहीं मिला है।

पुलिस उपाधीक्षक मिग्युर टेम्पो नादिक के नेतृत्व में चल रही जांच में फिलहाल ऐसे पैटर्न सामने आए हैं जो ऑनलाइन खुद कट्टरपंथी बनने, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन और अन्य ऑनलाइन मंचों के उपयोग की ओर इशारा करते हैं। चरमपंथी संगठनों के साथ आरोपी के किसी भी सीधे शारीरिक या व्यक्तिगत संपर्क की बात सामने नहीं आई है।

यह मामला दर्शाता है कि कैसे चरमपंथी आख्यानों को फैलाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा सकता है और यह समय पर मिलने वाली खुफिया जानकारी व सक्रिय पुलिसिंग के महत्व को भी रेखांकित करता है। पुलिस ने कहा, इस चरण में, सिक्किम राज्य के भीतर किसी संगठित आतंकवादी मॉड्यूल, स्थानीय चरमपंथी नेटवर्क या सांप्रदायिक कोण का कोई सबूत नहीं है। सिक्किम पुलिस ने सभी नागरिकों को आश्वस्त किया है कि वर्तमान में ऐसी कोई खुफिया जानकारी नहीं है जो राज्य में जनता की सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द या कानून-व्यवस्था के लिए किसी भी तरह के आसन्न खतरे का संकेत देती हो।