Breaking News in Hindi

Latehar News: सरकारी आवास योजनाओं से वंचित एक अनाथ; खंडहर में तब्दील घर, बेसहारा जिंदगी जीने को मजबूर नंदकिशोर

लातेहार: सरकारें हर गरीब को पक्का छत देने का सपना दिखाती हैं, लेकिन लातेहार सदर प्रखंड के होटवाग गांव निवासी नंदकिशोर यादव की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। माता-पिता के निधन के बाद अनाथ हुए नंदकिशोर के पास न अपना घर है और न ही सिर छिपाने की जगह। वह आज भी सरकारी आवास योजना की बाट जोह रहे हैं।

🧱 घर के नाम पर बचा सिर्फ मलबा

लगभग 4 दशक पूर्व नंदकिशोर के माता-पिता ने मिट्टी का एक घर बनाया था। समय के साथ वह घर जर्जर होकर अब खंडहर में बदल चुका है, जिसकी छत तक नहीं बची है। नंदकिशोर के माता-पिता की भी मृत्यु हो चुकी है, जिसके बाद से वह पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं। अपनी गरीबी और घर न होने के कारण 30 साल से अधिक उम्र होने के बाद भी उनका विवाह नहीं हो सका। वे आज भी गांव के किसी व्यक्ति के बरामदे में शरण लेकर जीवन बसर करने को मजबूर हैं।

📉 आवास योजनाओं से क्यों वंचित रहे नंदकिशोर?

केंद्र की पीएम आवास योजना और राज्य की अबुआ आवास योजना के बावजूद नंदकिशोर को अब तक लाभ नहीं मिला है। गांव के सबसे गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति होने के बावजूद पंचायत और ग्राम प्रधान स्तर पर उनका नाम आवास सूची में शामिल नहीं किया गया। स्थानीय निवासी रंजीत कुमार यादव ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे व्यक्ति को प्राथमिकता के आधार पर आवास का लाभ मिलना चाहिए ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

🤝 क्या अब मिलेगी मदद?

इस मामले पर होटवाग की मुखिया अनीता देवी ने अनभिज्ञता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की अनुशंसा पर ही नाम आगे भेजे जाते हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे नंदकिशोर की स्थिति की जांच करवाएंगी और यदि वे पात्र पाए गए, तो उन्हें आवास उपलब्ध कराने हेतु उच्च अधिकारियों से भी अनुरोध करेंगी।