बोकारो: सोमवार को बोकारो में विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा ने अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा के सदस्यों ने बोकारो डीसी (DC) और डीडीसी (DDC) की शव यात्रा निकाली और डीपीएलआर (DPLR) कार्यालय के सामने अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच पुतला दहन को लेकर काफी धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई।
🚧 NH भुगतान में गड़बड़ी का गंभीर आरोप
मोर्चा के अध्यक्ष अरुण महतो ने आरोप लगाया कि नेशनल हाईवे (NH) निर्माण के दौरान गलत लोगों को मुआवजा राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से जांच के नाम पर केवल कमेटी बनाकर विस्थापितों को गुमराह किया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उनका दावा है कि डीपीएलआर कार्यालय द्वारा गलत तरीके से पर्चे बनाए गए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
💰 ‘भ्रष्टाचार का लगा गंभीर आरोप’
अरुण महतो ने आगे कहा कि कार्यालय के अधिकारी भ्रष्टाचार करके पैसे की उगाही कर रहे हैं और ऊपर तक हिस्सा पहुँचा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आगे और भी उग्र आंदोलन करेंगे। विस्थापितों ने संकेत दिया है कि वे अपनी मांगों को पूरा करवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
👮 पुलिस का पक्ष: अनुमति का अभाव
इस मामले पर बीएस सिटी थाना प्रभारी सुदामा दास ने बताया कि विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा के सदस्यों के पास पुतला दहन या प्रदर्शन करने के लिए प्रशासनिक अनुमति नहीं थी। इसी कारण कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने उन्हें पुतला दहन करने से रोका। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को अनुमति नहीं दी जा सकती।