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सिकंदर महान की फारसियों के साथ युद्ध के मैदान का संरक्षण

तुर्किए ने इसे ऐतिहासिक संरक्षित क्षेत्र घोषित किया

  • इस युद्ध का ऐतिहासिक महत्व है

  • पूरे इलाके को ही संरक्षित किया गया

  • प्राचीन धरोहर की पूरी सुरक्षा की जाएगी

एजेंसियां

अंकाराः तुर्किए ने सिकंदर महान के फारसियों के साथ हुए पहले ऐतिहासिक युद्ध-स्थल को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया है। यह निर्णय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए गठित चानाक्कले क्षेत्रीय बोर्ड द्वारा लिया गया है। इस घोषणा की जानकारी तुर्किए के संस्कृति और पर्यटन मंत्री मेहमत नूरी एर्सॉय ने जून के मध्य में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर दी।

ग्रेनिकोस का युद्ध विश्व इतिहास की दिशा बदलने वाली एक महत्वपूर्ण घटना थी। इसी स्थान पर सिकंदर महान ने फारसी सेना के विरुद्ध अपनी पहली बड़ी विजय प्राप्त की थी, जिसने उनके लिए एशिया में अभियान का मार्ग प्रशस्त किया था। मंत्री एर्सॉय ने अपने संदेश में कहा कि हमने ग्रेनिकोस के युद्ध-स्थल को सुरक्षित कर लिया है, जो विश्व इतिहास में एक निर्णायक मोड़ था। अब इसे आधिकारिक तौर पर ऐतिहासिक स्थल के रूप में पंजीकृत कर दिया गया है।

सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल चानाक्कले की सांस्कृतिक विरासत के मूल्य को बढ़ाएगा, बल्कि ऐतिहासिक विज्ञान और सांस्कृतिक पर्यटन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। इसके माध्यम से क्षेत्र में सांस्कृतिक मार्गों को और अधिक सुदृढ़ बनाने का प्रयास किया जाएगा।

इस आधिकारिक दर्जे को प्रदान करने से पूर्व, एक व्यापक प्रक्रिया का पालन किया गया। चानाक्कले क्षेत्रीय बोर्ड द्वारा स्थल को ऐतिहासिक घोषित करने का निर्णय लेने से पहले, वहाँ गहन पुरातात्विक और वैज्ञानिक सर्वेक्षण किए गए। इन सर्वेक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वह स्थान ऐतिहासिक स्थल के मानदंडों को पूरा करता है या नहीं।

इस नए निर्णय के तहत, न केवल मूल युद्ध-स्थल, बल्कि उसके आसपास के विस्तृत क्षेत्रों को भी संरक्षित स्थिति प्राप्त हो गई है। इसका सीधा अर्थ यह है कि अब इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनियंत्रित निर्माण कार्य या अन्य गतिविधि प्रतिबंधित होगी, जिससे इस प्राचीन धरोहर को भविष्य की पीढ़ियों के लिए अक्षुण्ण रखा जा सकेगा। यह निर्णय तुर्किए के ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और साहसिक प्रयास माना जा रहा है।