Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indo MIM IPO: इंडो एमआईएम का 3812 करोड़ का आईपीओ 23 जुलाई से खुलेगा, जानें प्राइस बैंड और पूरी डिटेल Dishani Chakraborty Boyfriend: मिथुन चक्रवर्ती की बेटी दिशानी का ब्राइडल लुक वायरल, खूबसूरती देख दीव... Kids Constipation Remedies: बच्चों में कब्ज की समस्या दूर करेंगे ये 5 फल, पेट साफ होना होगा आसान Kidney Cancer Symptoms: सिर्फ दर्द ही नहीं, शरीर के ये 7 संकेत भी हो सकते हैं किडनी कैंसर का इशारा SpiceJet Acquisition: स्पाइसजेट को खरीदेगी गल्फ एयरलाइन? निवेश और अधिग्रहण को लेकर शुरुआती बातचीत शु... China Floods: चीन के 1 लाख बांध बने मुसीबत, बिना चेतावनी पानी छोड़ने से कई गांवों में भारी तबाही Nepal Coin Map Controversy: नेपाल ने 1 रुपये के सिक्के से हटाया विवादित नक्शा, अब होगी बौद्ध मठ की त... वर्फीले प्रदेश में सोना उगल रहा है माउंट एरेबस, देखें वीडियो Zohran Mamdani on Netanyahu: क्या अमेरिका में गिरफ्तार होंगे नेतन्याहू? न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर... Campa Cola Market Share: रिलायंस 'कैंपा' ने कोल्ड ड्रिंक बाजार में मचाया तहलका, पेप्सी और कोका-कोला ...

ईरानी आक्रमण के बाद अमेरिकी हवाई हमला जारी

ताम झाम के साथ शांति समझौते का जमीन पर असर नहीं

एजेंसियां

वाशिंगटनः मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ संघर्ष विराम समझौता गंभीर संकट में है। शनिवार (27 जून) को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उन्होंने ईरान के भीतर कई ठिकानों को निशाना बनाकर नए सिरे से हवाई हमले किए हैं। यह कार्रवाई फारस की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर ईरान द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों के जवाब में की गई है।

ताजा विवाद तब भड़का जब ईरान ने पनामा के ध्वज वाले तेल टैंकर एम/टी किकू पर एकतरफा ड्रोन हमला किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजर रहा था। इससे पहले शुक्रवार को भी अमेरिकी सेना ने एम/वी एवर लवली  जहाज पर हमले के जवाब में ईरानी सैन्य ठिकानों पर बमबारी की थी। अमेरिकी सेना के अनुसार, शनिवार के इन हमलों में ईरान के सैन्य निगरानी बुनियादी ढांचे, संचार प्रणालियों, वायु रक्षा ठिकानों और ड्रोन भंडारण सुविधाओं को निशाना बनाया गया है। इससे समझा जा रहा है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में अपना कब्जा बनाये रखना चाहता है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि ईरान संघर्ष विराम का उल्लंघन करना जारी रखता है, तो अमेरिका को सैन्य रूप से काम पूरा करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, अगर ऐसा हुआ, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा!

इस बीच, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दावा किया है कि उन्होंने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। बहरीन में हवाई हमलों के सायरन बजने और कुवैत के सैन्य ठिकानों पर हमलों की खबरों ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। बहरीन ने ईरान पर शांति प्रयासों को बाधित करने का आरोप लगाया है।

यह तनाव उस इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है, जिसका उद्देश्य युद्ध को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन को बहाल करना था। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और तेल व्यापार को भारी नुकसान पहुंचाया है। जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच जारी यह ब्रिंकमैनशिप (सीमांत नीति) कभी भी व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकती है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ गई है।