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अरुणाचल में अचानक बाढ़ से भारी नुकसान,  दो की मौत और कई लापता

असम में भी हाई एलर्ट जारी किया गया

  • ब्रह्मपुत्र सहित सभी नदियां उफान  पर

  • पनयोर हाइड्रो प्रोजेक्ट इलाके में बाढ़

  • तेजी से नीचे आ रहा है पहाड़ का पानी

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी : अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। केई पान्योर जिले में हुई इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि सात से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। भारी बारिश के चलते निपको कॉलोनी क्षेत्र में एक निर्माणाधीन दीवार ढह गई, जिससे बड़ी मात्रा में पानी और मलबा आवासीय इलाकों में घुस गया। इस घटना में 30 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे कई यात्री फंस गए हैं।

प्रशासन ने तुरंत हरकत में आते हुए बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ की टीम को मौके पर तैनात किया है। इसके साथ ही, एनडीआरएफ को सतर्क कर दिया गया है और वे सहायता के लिए क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और पूर्व सैनिकों को भी बुलाया गया है। एहतियात के तौर पर, रंगानदी बांध के स्पिलवे का एक गेट खोल दिया गया है और विद्युत परियोजना में उत्पादन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। राजमार्ग से मलबा हटाने और संपर्क मार्ग बहाल करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

इस आपदा का असर केवल अरुणाचल प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने असम में भी बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। अरुणाचल के ऊपरी इलाकों में मूसलाधार बारिश और नदियों में बढ़े बहाव के कारण असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। विशेष रूप से धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ और सोनितपुर जिले प्रशासन की निगरानी में हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जिलों के प्रशासन को अलर्ट रहने और पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव अभियान जारी है, और प्रशासन नुकसान की वास्तविक सीमा का आकलन करने में जुटा है।