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National Award: रांची का झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय पूरे देश में नंबर 1; स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में हासिल किया पहला स्थान

रांची: राजधानी रांची के राहे प्रखंड स्थित झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ (SHVR) 2025-26 में इस विद्यालय ने 99.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के तहत विद्यालय को ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ और एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

📊 कैसे मिली यह बड़ी कामयाबी?

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के लिए देशभर के हजारों सरकारी और निजी विद्यालयों का मूल्यांकन कड़े मानकों पर किया गया। झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय ने इन बिंदुओं पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया:

  • स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और जल संरक्षण।

  • छात्राओं के लिए अत्याधुनिक स्वच्छ शौचालय व हैंडवॉशिंग यूनिट।

  • ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management)।

  • परिसर की हरियाली और ऊर्जा दक्षता (Energy Efficiency)।

  • दिव्यांग अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर और इको-फ्रेंडली वातावरण।

🌱 चार साल में राष्ट्रीय पटल पर पहचान

मार्च 2022 में स्थापित यह विद्यालय बेहद कम समय में एक ‘मॉडल’ बनकर उभरा है। वर्ष 2024-25 में ‘राष्ट्रीय जल पुरस्कार’ में तीसरा स्थान पाने के बाद, अब ‘स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग’ में प्रथम स्थान प्राप्त करना इसकी निरंतर मेहनत को दर्शाता है। विद्यालय में इको-पार्क, औषधीय वाटिका और रेन वॉटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं छात्राओं को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाती हैं।

👧 बाल संसद की सक्रिय भूमिका

विद्यालय की इस सफलता का मुख्य श्रेय ‘बाल संसद’ को जाता है। छात्राओं ने खुद स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, और कचरा पृथक्करण जैसी गतिविधियों का नेतृत्व किया। शिक्षिका फूलमणि बाड़ा और लेखापाल सारिका उपाध्याय के अनुसार, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण यहां केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि दैनिक दिनचर्या का हिस्सा है। छात्रा मनीषा और होलिका कुमारी का मानना है कि इस जीत ने पूरी छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है।

🌟 दूसरों के लिए प्रेरणा

यह उपलब्धि यह साबित करती है कि यदि प्रबंधन और सामूहिक प्रयास सही दिशा में हों, तो सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। आज राहे का यह स्कूल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गया है, जिसने रांची के साथ-साथ पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है।